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Delhi NCR News: श्रद्धांजलि देने पहुंचे आप नेता हिरासत में, पुलिस पर तानाशाही के आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जनकपुरी में 25 वर्षीय कमल ध्यानी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को कैंडल मार्च के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आप नेताओं ने पुलिस पर धक्का-मुक्की, पोस्टर फाड़ने और शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम को जबरन रोकने के आरोप लगाए।
आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में विधायक जरनैल सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता जनकपुरी के उसी गड्ढे के पास पहुंचे थे, जहां कमल ध्यानी की गिरकर मौत हुई थी। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने मोमबत्ती तक जलाने नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जितनी तत्परता पुलिस ने नेताओं को रोकने में दिखाई, अगर उतनी ही युवक को बचाने में दिखाई होती तो आज कमल ध्यानी जिंदा होता।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हादसे की रात कमल ध्यानी का परिवार और दोस्त पूरी रात छह अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराने के लिए भटकते रहे, लेकिन किसी भी थाने ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले मोबाइल लोकेशन साझा की और फिर उसे डिलीट कर दिया। समय रहते कार्रवाई होती तो युवक की जान बच सकती थी। उन्होंने मांग की कि सरकार कमल ध्यानी को न्याय दिलाए और दिल्ली पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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नई दिल्ली। जनकपुरी में 25 वर्षीय कमल ध्यानी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को कैंडल मार्च के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आप नेताओं ने पुलिस पर धक्का-मुक्की, पोस्टर फाड़ने और शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम को जबरन रोकने के आरोप लगाए।
आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में विधायक जरनैल सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता जनकपुरी के उसी गड्ढे के पास पहुंचे थे, जहां कमल ध्यानी की गिरकर मौत हुई थी। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने मोमबत्ती तक जलाने नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जितनी तत्परता पुलिस ने नेताओं को रोकने में दिखाई, अगर उतनी ही युवक को बचाने में दिखाई होती तो आज कमल ध्यानी जिंदा होता।
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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हादसे की रात कमल ध्यानी का परिवार और दोस्त पूरी रात छह अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराने के लिए भटकते रहे, लेकिन किसी भी थाने ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले मोबाइल लोकेशन साझा की और फिर उसे डिलीट कर दिया। समय रहते कार्रवाई होती तो युवक की जान बच सकती थी। उन्होंने मांग की कि सरकार कमल ध्यानी को न्याय दिलाए और दिल्ली पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।