{"_id":"69ca7b25c441cb16a008a48a","slug":"appearance-of-the-lake-worth-rs-993-lakh-has-deteriorated-delhi-ncr-news-c-23-1-lko1064-91148-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: रखरखाव नहीं होने से 9.93 लाख के सरोवर की बिगड़ी सूरत, पानी दूषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: रखरखाव नहीं होने से 9.93 लाख के सरोवर की बिगड़ी सूरत, पानी दूषित
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
ई-ग्राम में दर्ज विकास कार्यों की पड़ताल-11
-- -- -- -- -- --
बिसरख ब्लॉक के आकिलपुर जागीर गांव में 2022 में हुआ था निर्माण
सरोवर के चारों ओर उग आईं घास और झाड़ियां
करीब 3.5 एकड़ में बने सरोवर के चारों ओर की गई फेंसिंग भी जर्जर
संवाद न्यूज एजेंसी,
ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के बिसरख ब्लॉक के आकिलपुर जागीर गांव में 2022 में अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया था। इस पर 9.93 लाख रुपये की लागत आई थी। सरोवर के किनारे लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां और सूचना बोर्ड भी लगाए गए थे। हालांकि, निर्माण के बाद से ही सरोवर के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे इसकी स्थिति बिगड़ती चली गई।
वर्तमान में यहां घास और झाड़ियां उग आईं हैं। पानी भी गंदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरोवर का पानी साफ था। पशु इसे पीते थे, लेकिन अब इसमें नाली का गंदा पानी जाने लगा है, जिससे यह पशुओं के लिए भी अनुपयोगी हो गया है। करीब 3.5 एकड़ में बने सरोवर के चारों ओर फेंसिंग भी की गई थी, लेकिन अब इसकी स्थिति भी जर्जर हो रही है।
कूड़ा प्रबंधन योजना भी फेल
गांव में रिक्शे उपलब्ध कराए गए थे, ताकि कूड़े को एकत्र कर इसे गांव के बाहर बने निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जा सके। हालांकि, यह व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई। आज तक निस्तारण केंद्र तक कूड़ा नहीं पहुंचाया गया। ग्रामीण खुले में ही कचरा फेंक रहे हैं।
स्टेडियम और अन्य सुविधाएं भी बेकार
गांव के सामने बने स्टेडियम में ताला लगा रहता है। मैदान में झाड़ियां उग आईं हैं। स्थिति यह है कि यहां चलना भी मुश्किल हो गया है।
पानी की टंकी तैयार, आपूर्ति शुरू नहीं
गांव में पानी की टंकी बनकर तैयार है। अधिकतर हिस्सों में पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है, लेकिन अब तक जल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण ग्रामीण हैंडपंपों पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों के बयान
-गांव में पाइपलाइन अभी पूरी तरह नहीं बिछी है। इस वजह से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
-नरेंद्र, आकिलपुर
-सफाई कर्मचारियों को ग्रामीण कचरा नहीं देते हैं। वे घरों के आसपास ही फेंक देते हैं। एक जगह जमा नहीं होता। -सोनू, आकिलपुर
-पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं होने से लोग हैंडपंपों पर निर्भर हैं, जबकि लाखों खर्च कर टंकी व पाइपलाइन बनाई गई है। -अमित, आकिलपुर
-सरोवर में गंदा पानी आने से पशु बीमार हो रहे हैं। पानी पीने लायक नहीं बचा। -महकार सिंह, आकिलपुर
क्या कहते हैं जिम्मेदार
-अमृत सरोवर के आसपास सफाई कराई जाएगी। इसके लिए सचिव को निर्देशित किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों की सफाई प्राथमिकता पर कराई जाएगी। -अजय कुमार यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी, गौतमबुद्धनगर
Trending Videos
ई-ग्राम में दर्ज विकास कार्यों की पड़ताल-11
बिसरख ब्लॉक के आकिलपुर जागीर गांव में 2022 में हुआ था निर्माण
सरोवर के चारों ओर उग आईं घास और झाड़ियां
करीब 3.5 एकड़ में बने सरोवर के चारों ओर की गई फेंसिंग भी जर्जर
संवाद न्यूज एजेंसी,
ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के बिसरख ब्लॉक के आकिलपुर जागीर गांव में 2022 में अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया था। इस पर 9.93 लाख रुपये की लागत आई थी। सरोवर के किनारे लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां और सूचना बोर्ड भी लगाए गए थे। हालांकि, निर्माण के बाद से ही सरोवर के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे इसकी स्थिति बिगड़ती चली गई।
वर्तमान में यहां घास और झाड़ियां उग आईं हैं। पानी भी गंदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरोवर का पानी साफ था। पशु इसे पीते थे, लेकिन अब इसमें नाली का गंदा पानी जाने लगा है, जिससे यह पशुओं के लिए भी अनुपयोगी हो गया है। करीब 3.5 एकड़ में बने सरोवर के चारों ओर फेंसिंग भी की गई थी, लेकिन अब इसकी स्थिति भी जर्जर हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कूड़ा प्रबंधन योजना भी फेल
गांव में रिक्शे उपलब्ध कराए गए थे, ताकि कूड़े को एकत्र कर इसे गांव के बाहर बने निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जा सके। हालांकि, यह व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई। आज तक निस्तारण केंद्र तक कूड़ा नहीं पहुंचाया गया। ग्रामीण खुले में ही कचरा फेंक रहे हैं।
स्टेडियम और अन्य सुविधाएं भी बेकार
गांव के सामने बने स्टेडियम में ताला लगा रहता है। मैदान में झाड़ियां उग आईं हैं। स्थिति यह है कि यहां चलना भी मुश्किल हो गया है।
पानी की टंकी तैयार, आपूर्ति शुरू नहीं
गांव में पानी की टंकी बनकर तैयार है। अधिकतर हिस्सों में पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है, लेकिन अब तक जल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण ग्रामीण हैंडपंपों पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों के बयान
-गांव में पाइपलाइन अभी पूरी तरह नहीं बिछी है। इस वजह से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
-नरेंद्र, आकिलपुर
-सफाई कर्मचारियों को ग्रामीण कचरा नहीं देते हैं। वे घरों के आसपास ही फेंक देते हैं। एक जगह जमा नहीं होता। -सोनू, आकिलपुर
-पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं होने से लोग हैंडपंपों पर निर्भर हैं, जबकि लाखों खर्च कर टंकी व पाइपलाइन बनाई गई है। -अमित, आकिलपुर
-सरोवर में गंदा पानी आने से पशु बीमार हो रहे हैं। पानी पीने लायक नहीं बचा। -महकार सिंह, आकिलपुर
क्या कहते हैं जिम्मेदार
-अमृत सरोवर के आसपास सफाई कराई जाएगी। इसके लिए सचिव को निर्देशित किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों की सफाई प्राथमिकता पर कराई जाएगी। -अजय कुमार यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी, गौतमबुद्धनगर