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Delhi NCR News: एसओएल में बीए प्रोग्राम, बीकॉम और एमबीए बन रहे हिट, दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ी
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-छात्र सर्वाधिक इन्हीं प्रोग्राम में ले रहे दाखिला
-सभी प्रोग्राम के लिए अब तक 1 लाख 12 हजार से अधिक पंजीकरण हुए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दाखिलों में बीए प्रोग्राम, बीकॉम व राजनीति विज्ञान ऑनर्स प्रोग्राम छात्रों की पहली पसंद बन रहे हैं। स्नातक स्तर पर उपलब्ध 19 कार्यक्रमों में अब तक इन्हीं पाठ्यक्रमों में सबसे अधिक पंजीकरण हुए हैं। वहीं पीजी स्तर पर एमबीए का क्रेज देखने को मिल रहा है। स्नातक के 19 प्रोग्राम में अब तक एक लाख 12 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि तक इस आंकडों के बढ़ने की उम्मीद है।
एसओएल में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 जुलाई से शुरू हो गई थी। आवेदन और दाखिले की प्रक्रिया साथ-साथ चल रही है। वहीं दाखिले की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 13 अक्तूबर तक कर दिया गया है। देशभर से एसओएल में अब तक एक लाख 12 हजार से अधिक छात्र पंजीकरण करा चुके हैं। इसमें से पचास फीसदी से अधिक ने फीस का भुगतान कर अपना दाखिला पक्का कर लिया है।
बीए प्रोग्राम सबसे आगे
एसओएल से प्राप्त पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार बीए प्रोग्राम अब तक सबसे आगे चल रहा है। जबकि बीते साल राजनीति विज्ञान सबसे आगे था। प्रो. पायल मागो ने बताया कि बीए प्रोग्राम के काफी संयोजन हैं इसलिए छात्र ज्यादा दाखिला ले रहे हैं। जबकि राजनीति विज्ञान ऑनर्स की बात की जाए तो यह बाकी ऑनर्स प्रोग्राम के मुकाबले आसान होता है। तीसरे स्थान पर अभी बीकॉम प्रोग्राम छात्रों की पसंद बना हुआ है। इस तरह यह पाठ्यक्रम अन्य स्नातक कार्यक्रमों की तुलना में छात्रों को अधिक आकर्षित कर रहे हैं। वहीं एमबीए में नौ हजार से अधिक दाखिले हो चुके हैं।
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एसओएल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल दाखिले की रफ्तार कुछ धीमी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित कॉलेजों में दाखिले के अवसर खत्म होने के बाद एसओएल में दाखिले की गति और तेज होने की उम्मीद है।
वहीं एसओएल में दाखिला लेने के बाद यदि किसी छात्र को डीयू के किसी नियमित कॉलेज में सीट आवंटित हो जाती है, तो वह वहां भी दाखिला ले सकता है। हालांकि इसके लिए उसे एसओएल का दाखिला रद्द कराना होगा। दाखिला रद्द होने के बाद नियमानुसार कुछ राशि काटकर शेष फीस छात्र को वापस कर दी जाएगी।
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-सभी प्रोग्राम के लिए अब तक 1 लाख 12 हजार से अधिक पंजीकरण हुए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दाखिलों में बीए प्रोग्राम, बीकॉम व राजनीति विज्ञान ऑनर्स प्रोग्राम छात्रों की पहली पसंद बन रहे हैं। स्नातक स्तर पर उपलब्ध 19 कार्यक्रमों में अब तक इन्हीं पाठ्यक्रमों में सबसे अधिक पंजीकरण हुए हैं। वहीं पीजी स्तर पर एमबीए का क्रेज देखने को मिल रहा है। स्नातक के 19 प्रोग्राम में अब तक एक लाख 12 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि तक इस आंकडों के बढ़ने की उम्मीद है।
एसओएल में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 जुलाई से शुरू हो गई थी। आवेदन और दाखिले की प्रक्रिया साथ-साथ चल रही है। वहीं दाखिले की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 13 अक्तूबर तक कर दिया गया है। देशभर से एसओएल में अब तक एक लाख 12 हजार से अधिक छात्र पंजीकरण करा चुके हैं। इसमें से पचास फीसदी से अधिक ने फीस का भुगतान कर अपना दाखिला पक्का कर लिया है।
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बीए प्रोग्राम सबसे आगे
एसओएल से प्राप्त पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार बीए प्रोग्राम अब तक सबसे आगे चल रहा है। जबकि बीते साल राजनीति विज्ञान सबसे आगे था। प्रो. पायल मागो ने बताया कि बीए प्रोग्राम के काफी संयोजन हैं इसलिए छात्र ज्यादा दाखिला ले रहे हैं। जबकि राजनीति विज्ञान ऑनर्स की बात की जाए तो यह बाकी ऑनर्स प्रोग्राम के मुकाबले आसान होता है। तीसरे स्थान पर अभी बीकॉम प्रोग्राम छात्रों की पसंद बना हुआ है। इस तरह यह पाठ्यक्रम अन्य स्नातक कार्यक्रमों की तुलना में छात्रों को अधिक आकर्षित कर रहे हैं। वहीं एमबीए में नौ हजार से अधिक दाखिले हो चुके हैं।
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एसओएल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल दाखिले की रफ्तार कुछ धीमी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित कॉलेजों में दाखिले के अवसर खत्म होने के बाद एसओएल में दाखिले की गति और तेज होने की उम्मीद है।
वहीं एसओएल में दाखिला लेने के बाद यदि किसी छात्र को डीयू के किसी नियमित कॉलेज में सीट आवंटित हो जाती है, तो वह वहां भी दाखिला ले सकता है। हालांकि इसके लिए उसे एसओएल का दाखिला रद्द कराना होगा। दाखिला रद्द होने के बाद नियमानुसार कुछ राशि काटकर शेष फीस छात्र को वापस कर दी जाएगी।