सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Bribe-taking Mandi supervisor jumps from first floor after being spotted by Vigilance, arrested, secretary flees

Delhi NCR News: विजिलेंस को देख रिश्वतखोर मंडी सुपरवाइजर पहले तल से कूदा, गिरफ्तार, सचिव भागा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
लाइसेंस के नाम पर रिश्वतखोरी का हुआ खुलासा
Trending Videos

पीड़ित ने आरोप लगाया था कि उससे 20 हजार रुपये मांगे गए हैं

संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। विजिलेंस टीम ने बुधवार को लाइसेंस बनाने के एवज में रिश्वत मांगने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडी कार्यालय में छापेमारी की। इस दौरान मंडी सुपरवाइजर वेदपाल को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि सचिव मनोज कुमार टीम को देखकर भाग गया। यह कार्रवाई जैद पुत्र जुम्मे खान निवासी सालाहेड़ी की शिकायत पर हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि लाइसेंस जारी करने के बदले उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में सचिव के कहने पर 15,600 रुपये मंडी सुपरवाइजर वेदपाल को दिए गए। विजिलेंस टीम के पहुंचते ही कार्यालय में हड़कंप मच गया। वेदपाल ने भी भागने की कोशिश की और फर्स्ट फ्लोर से कूद गया, लेकिन टीम के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए उसे दबोच लिया। हालांकि, अब तक रिश्वत की रकम बरामद नहीं हो पाई है। इस कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मैजिस्ट्रेट अमित कुमार ने टीम का नेतृत्व किया।



मामले में सचिव मनोज कुमार की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी में बिना पैसे कोई काम नहीं होता था। एक महिला सफाई कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसकी 7 हजार रुपये की मासिक तनख्वाह में से 2-3 हजार रुपये सचिव द्वारा काट लिए जाते थे। इसके अलावा गेट पास जारी करने में धांधली, आढ़तियों से अवैध वसूली और मजदूरों के हक का पैसा न देने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। यहां तक कि सचिव पर मजदूरों के खाने-पीने का सामान भी बिना भुगतान के लेने के आरोप लगे हैं। गौरतलब है कि मंडी सुपरवाइजर वेदपाल पहले भी भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल जा चुका है और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। अब एक बार फिर रिश्वत लेते पकड़े जाने से उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। फरार सचिव मनोज कुमार की तलाश जारी है और विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गाड़ी की तलाशी ली:
सचिव अपनी गाड़ी छोड़कर मौके से भाग गया, लेकिन एसीबी की टीम ने गाड़ी का लॉक तोड़कर उसकी तलाशी भी ली, लेकिन रकम की बरामदगी नहीं हो पाई। जिसके बाद गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article