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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Convict will have to go to jail as soon as appeal is rejected: Delhi High Court

अपील खारिज होते ही दोषी को जाना होगा जेल : दिल्ली हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 09:31 PM IST
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- हत्या के एक मामले में दोषी युवक की 13 साल बाद गिरफ्तारी पर अदालत ने लगाई फटकार
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- साल 2010 में दोषी की सजा दो माह के लिए निलंबित की गई थी, इसके बाद उसने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के एक दोषी को सजा सुनाने और अपील खारिज होने के 13 साल बाद भी गिरफ्तारी होने पर आपराधिक न्याय व्यवस्था को गंभीर व्यवस्थागत नाकामी बताया है। अदालत ने कहा कि ऐसी लापरवाही न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को पूरी तरह नष्ट कर देती है। अदालत ने अब ट्रायल कोर्ट, जेल प्रशासन और पुलिस के लिए विस्तृत दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि किसी भी दोषी को सजा मिलने के बाद स्वतंत्र घूमने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पीठ ने आदेश की प्रति सभी आपराधिक कोर्ट, जेल महानिरीक्षक और पुलिस कमिश्नर को भेजने तथा सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने दोषी सोनू की अपील पर सुनवाई के दौरान यह कड़ी टिप्पणी की। सोनू को वर्ष 2009 में हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उसकी अपील 19 सितंबर 2012 को खारिज हो गई थी, लेकिन वह लगभग 13 वर्ष तक आजाद घूमता रहा। उसे 13 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला ट्रायल कोर्ट, जेल प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय की पूरी कमी को उजागर करता है। दिसंबर 2010 में दोषी की सजा दो महीने के लिए निलंबित की गई थी, लेकिन उसके बाद वह कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। अपील खारिज होने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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