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दिल्ली पुलिस का विशेष प्रकोष्ठ बनेगा देश का सबसे आधुनिक सुरक्षा केंद्र : गृह मंत्री
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दिल्ली पुलिस स्थापना दिवस
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, स्पेशल सेल के एकीकृत मुख्यालय से आतंकवाद विरोधी अभियानों को मिलेगा बल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की। उन्होंने कहा कि 368 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहा दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ का एकीकृत मुख्यालय आतंकवाद और अपराध से निपटने का एक प्रभावी साधन बनेगा। मुख्यअतिथि के रूप में पहुंचे गृहमंत्री ने कहा कि यह नई सुविधा मादक पदार्थों के नेटवर्क, संगठित अपराध और आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए देश का सबसे आधुनिक केंद्र बनकर उभरेगी। दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उन्होंने परियोजना की ई-आधारशिला रखी।
गृह मंत्री ने कहा कि एकीकृत मुख्यालय में अत्याधुनिक इनडोर फायरिंग रेंज, वॉर रूम, साइबर प्रयोगशालाएं, प्रशिक्षण हॉल और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। विशेष प्रकोष्ठ ने न केवल राजधानी में बल्कि पूरे देश में मादक पदार्थों के गिरोह, नकली भारतीय मुद्रा गिरोह, जटिल साइबर अपराध और बड़ी आतंकी साजिशों पर नकेल कसने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने अपनी स्थापना से ही शांति, सेवा और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर कायम रखा है। दिल्ली न केवल राष्ट्रीय राजधानी है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थानों का केंद्र भी है, जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आवास और कार्यालयों सहित कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान स्थित हैं, इसलिए बल की जिम्मेदारी कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सुरक्षा को उच्चतम वैश्विक मानकों के अनुरूप होना चाहिए, विशेष रूप से शहर में आयोजित होने वाले कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को देखते हुए।
10 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई
समारोह में दिल्ली पुलिस की 10 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। लगभग 857 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सुरक्षित शहर परियोजना के पहले चरण की आधारशिला रखी गई। इस परियोजना के तहत दिल्ली के लोगों को समर्पित एक आधुनिक एकीकृत कमान, नियंत्रण, संचार और कंप्यूटर केंद्र (सी4आई) स्थापित किया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि यह केंद्र बल की निगरानी, समन्वय और वास्तविक समय में प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि राजधानी को 10,000 कैमरों से जोडऩे की योजना के पहले चरण के तहत 2,100 कैमरे पहले ही चालू हो चुके हैं। इसके अलावा, शहर भर में मौजूद 15,000 से अधिक कैमरों को केंद्रीय प्रणाली से एकीकृत किया गया है।
सी4आई केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा
अधिकारियों के अनुसार सी4आई केंद्र चेहरे की पहचान, भीड़ की निगरानी और डेटा विश्लेषण जैसी उन्नत सुविधाओं लैस होगा, जिससे अपराध का पता लगाने और सार्वजनिक सुरक्षा प्रबंधन में सुधार होगा। उम्मीद है कि यह प्रणाली बड़े जनसमूहों, आपात स्थितियों और कानून-व्यवस्था की स्थितियों के दौरान स्थितिजन्य जागरूकता को मजबूत करेगी। शाह ने कहा कि सुरक्षित शहर परियोजना से राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और शहरी पुलिसिंग के समग्र मानकों में काफी सुधार होगा। प्रौद्योगिकी आधारित पुलिसिंग उभरती चुनौतियों, विशेष रूप से साइबर अपराध और संगठित आपराधिक गतिविधियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए गृह मंत्री ने कहा कि तीनों नई न्याय संहिताएं पूर्णत: लागू होने पर क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी।
पुलिस के परिणामों को मजबूत करेंगे
ई-प्राथमिकी, शून्य प्राथमिकी को कानूनी मान्यता, गंभीर अपराधों में अनिवार्य फोरेंसिक जांच और एकीकृत आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) के तहत एकीकरण जैसे प्रावधान पुलिसिंग के परिणामों को और मजबूत करेंगे। आधुनिक बुनियादी ढांचे, कानूनी सुधारों और तकनीकी उन्नयन के साथ, दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में अग्रणी बनी रहेगी।
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गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, स्पेशल सेल के एकीकृत मुख्यालय से आतंकवाद विरोधी अभियानों को मिलेगा बल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की। उन्होंने कहा कि 368 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहा दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ का एकीकृत मुख्यालय आतंकवाद और अपराध से निपटने का एक प्रभावी साधन बनेगा। मुख्यअतिथि के रूप में पहुंचे गृहमंत्री ने कहा कि यह नई सुविधा मादक पदार्थों के नेटवर्क, संगठित अपराध और आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए देश का सबसे आधुनिक केंद्र बनकर उभरेगी। दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उन्होंने परियोजना की ई-आधारशिला रखी।
गृह मंत्री ने कहा कि एकीकृत मुख्यालय में अत्याधुनिक इनडोर फायरिंग रेंज, वॉर रूम, साइबर प्रयोगशालाएं, प्रशिक्षण हॉल और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। विशेष प्रकोष्ठ ने न केवल राजधानी में बल्कि पूरे देश में मादक पदार्थों के गिरोह, नकली भारतीय मुद्रा गिरोह, जटिल साइबर अपराध और बड़ी आतंकी साजिशों पर नकेल कसने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने अपनी स्थापना से ही शांति, सेवा और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर कायम रखा है। दिल्ली न केवल राष्ट्रीय राजधानी है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थानों का केंद्र भी है, जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आवास और कार्यालयों सहित कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान स्थित हैं, इसलिए बल की जिम्मेदारी कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सुरक्षा को उच्चतम वैश्विक मानकों के अनुरूप होना चाहिए, विशेष रूप से शहर में आयोजित होने वाले कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को देखते हुए।
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10 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई
समारोह में दिल्ली पुलिस की 10 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। लगभग 857 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सुरक्षित शहर परियोजना के पहले चरण की आधारशिला रखी गई। इस परियोजना के तहत दिल्ली के लोगों को समर्पित एक आधुनिक एकीकृत कमान, नियंत्रण, संचार और कंप्यूटर केंद्र (सी4आई) स्थापित किया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि यह केंद्र बल की निगरानी, समन्वय और वास्तविक समय में प्रतिक्रिया देने की क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि राजधानी को 10,000 कैमरों से जोडऩे की योजना के पहले चरण के तहत 2,100 कैमरे पहले ही चालू हो चुके हैं। इसके अलावा, शहर भर में मौजूद 15,000 से अधिक कैमरों को केंद्रीय प्रणाली से एकीकृत किया गया है।
सी4आई केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा
अधिकारियों के अनुसार सी4आई केंद्र चेहरे की पहचान, भीड़ की निगरानी और डेटा विश्लेषण जैसी उन्नत सुविधाओं लैस होगा, जिससे अपराध का पता लगाने और सार्वजनिक सुरक्षा प्रबंधन में सुधार होगा। उम्मीद है कि यह प्रणाली बड़े जनसमूहों, आपात स्थितियों और कानून-व्यवस्था की स्थितियों के दौरान स्थितिजन्य जागरूकता को मजबूत करेगी। शाह ने कहा कि सुरक्षित शहर परियोजना से राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और शहरी पुलिसिंग के समग्र मानकों में काफी सुधार होगा। प्रौद्योगिकी आधारित पुलिसिंग उभरती चुनौतियों, विशेष रूप से साइबर अपराध और संगठित आपराधिक गतिविधियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए गृह मंत्री ने कहा कि तीनों नई न्याय संहिताएं पूर्णत: लागू होने पर क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी।
पुलिस के परिणामों को मजबूत करेंगे
ई-प्राथमिकी, शून्य प्राथमिकी को कानूनी मान्यता, गंभीर अपराधों में अनिवार्य फोरेंसिक जांच और एकीकृत आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) के तहत एकीकरण जैसे प्रावधान पुलिसिंग के परिणामों को और मजबूत करेंगे। आधुनिक बुनियादी ढांचे, कानूनी सुधारों और तकनीकी उन्नयन के साथ, दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में अग्रणी बनी रहेगी।