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Delhi NCR News: दिल्ली रेस क्लब को झटका, हाईकोर्ट ने बेदखली पर मिली अंतरिम राहत रद्द की
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लुटियंस दिल्ली स्थित 84 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में केंद्र की अपील मंजूर
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को लुटियंस दिल्ली स्थित 84 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में दिल्ली रेस क्लब को मिली अंतरिम राहत रद्द कर दी। अदालत ने केंद्र सरकार की अपील स्वीकार करते हुए पहले दिए गए रोक के आदेश को समाप्त कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति देवेंद्र तेजस करिया की पीठ ने कहा कि 24 अप्रैल को दिया गया एकल पीठ का आदेश अब प्रभावी नहीं रहेगा। उस आदेश में संपदा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस पर आगे कार्रवाई से रोका गया था।
केंद्र सरकार ने 13 मार्च को दिल्ली रेस क्लब को नोटिस जारी कर कहा था कि क्लब लुटियंस दिल्ली की जमीन पर बिना अधिकार के कब्जा किए हुए है और सार्वजनिक उपयोग के लिए परिसर खाली किया जाए। इसके बाद 17 अप्रैल को सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू करते हुए क्लब को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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दिल्ली रेस क्लब ने इस नोटिस को उच्च न्यायालय की एकल पीठ में चुनौती दी थी, जहां उसे 30 जुलाई तक राहत मिली थी। केंद्र का कहना है कि वर्ष 1926 का पट्टा 31 दिसंबर 1994 को समाप्त हो चुका था और इसके बाद उसका नवीनीकरण नहीं किया गया। इसलिए क्लब का कब्जा अब अवैध माना जाएगा।
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को लुटियंस दिल्ली स्थित 84 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में दिल्ली रेस क्लब को मिली अंतरिम राहत रद्द कर दी। अदालत ने केंद्र सरकार की अपील स्वीकार करते हुए पहले दिए गए रोक के आदेश को समाप्त कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति देवेंद्र तेजस करिया की पीठ ने कहा कि 24 अप्रैल को दिया गया एकल पीठ का आदेश अब प्रभावी नहीं रहेगा। उस आदेश में संपदा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस पर आगे कार्रवाई से रोका गया था।
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केंद्र सरकार ने 13 मार्च को दिल्ली रेस क्लब को नोटिस जारी कर कहा था कि क्लब लुटियंस दिल्ली की जमीन पर बिना अधिकार के कब्जा किए हुए है और सार्वजनिक उपयोग के लिए परिसर खाली किया जाए। इसके बाद 17 अप्रैल को सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू करते हुए क्लब को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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