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Delhi: नए जिलों में लागू हुई तहसील व्यवस्था, अब प्रमाण पत्र और जमीन के काम होंगे तेज; जनता को मिलेगी राहत
Sat, 18 Jul 2026 02:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:17 AM IST
सार
राजस्व विभाग ने दोनों जिलों के लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पदों का पुनर्वितरण कर दिया है। इससे जाति, आय, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के साथ जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली सरकार ने राजधानी के नए गठित सेंट्रल नॉर्थ और आउटर नॉर्थ जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। राजस्व विभाग ने दोनों जिलों के लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पदों का पुनर्वितरण कर दिया है। इससे जाति, आय, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के साथ जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। नए जिलों के गठन के बाद इसे तहसील स्तर पर सबसे अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
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राजस्व विभाग की ओर से 16 जुलाई को जारी किए गए एक आदेश के बाद सेंट्रल नॉर्थ जिले के शकूर बस्ती, शालीमार बाग और मॉडल टाउन, जबकि आउटर नॉर्थ जिले के मुंडका, नरेला और बवाना समेत सभी सब डिवीजनों में तहसीलदार और नायब तहसीलदार की तैनाती तय कर दी गई है। प्रत्येक सब डिवीजन को कम से कम एक तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार मिलेगा। इसके अलावा जिला स्तर पर कुछ पद आरक्षित रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जा सके।
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आम लोगों के काम होंगे आसान
अधिकारियों की कमी के कारण अब तक कई इलाकों में जाति, आय, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी होने में देरी होती थी। जमीन के रिकॉर्ड, नामांतरण और राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण में भी लोगों को कई बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब प्रत्येक क्षेत्र के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय होने से फाइलों का निपटारा पहले की तुलना में तेज होने की उम्मीद है। राजस्व विभाग का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर जवाबदेही भी बढ़ेगी।
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272 पदों का हुआ पुनर्वितरण
आदेश के तहत पहले से स्वीकृत 272 नियमित पदों को दोनों नए जिलों के बीच नए सिरे से बांटा गया है। इसमें तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पदों के साथ अन्य प्रशासनिक ढांचे को संतुलित करने का प्रयास किया गया है, ताकि किसी भी सब डिवीजन में अधिकारियों की कमी न रहे। यह पुनर्वितरण नए जिलों की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है।
राजस्व सचिव सह मंडलायुक्त की मंजूरी से जारी आदेश की प्रतियां मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त विभाग और संबंधित जिलाधिकारियों को भेज दी गई हैं। अधिकारियों की तैनाती तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही है। विभाग ने आदेश को सार्वजनिक करने के लिए वेबसाइट पर भी अपलोड करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नागरिक अपने क्षेत्र के संबंधित राजस्व अधिकारियों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।