सोनम वांगचुक का अनशन जारी है: 24 घंटे में घटा 350 GM वजन, डॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी
भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका शरीर कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन आंदोलन को लेकर उनका हौसला मजबूत है। उन्होंने बताया कि मैं किसी भी हालत में 20 जुलाई तक जीवित रहूंगा, ताकि आप सभी के साथ संसद तक मार्च कर सकूं। अगर 20 जुलाई को हमारा मार्च सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आऊंगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन शुक्रवार को 28वें दिन भी जारी रहा। इसके साथ ही सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल भी 20वें दिन जारी रही। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से सोनम वांगचुक का वजन लगातार घट रहा है।
सीजेपी के मुताबिक, अब तक उनका करीब नौ किलोग्राम वजन कम हो चुका है। डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि शुक्रवार को उनका वजन 56.55 किलोग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 350 ग्राम कम हुआ है। उनका ब्लड प्रेशर 108/68, ब्लड शुगर 70 एमजी/डीएल और हार्ट रेट 72 बीट प्रति मिनट दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि शरीर में हल्का डिहाइड्रेशन है। पहले शरीर की चर्बी कम हुई, उसके बाद मांसपेशियां प्रभावित होने लगीं और अब लंबे समय तक अनशन जारी रहने पर शरीर के अन्य अंगों पर भी असर पड़ने की आशंका है। मेडिकल टीम चौबीसों घंटे उनकी निगरानी कर रही है।
20 के बाद भूत बनकर वापस आऊंगा
भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका शरीर कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन आंदोलन को लेकर उनका हौसला मजबूत है। उन्होंने बताया कि मैं किसी भी हालत में 20 जुलाई तक जीवित रहूंगा, ताकि आप सभी के साथ संसद तक मार्च कर सकूं। अगर 20 जुलाई को हमारा मार्च सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आऊंगा। सोनम वांगचुक ने लोगों से इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मार्च लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को देश के सामने रखने का माध्यम होगा। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वह देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कांग्रेस समेत कई नेताओं ने जताया समर्थन
शुक्रवार को प्रदर्शन को कांग्रेस सहित कई विपक्षी नेताओं का समर्थन भी मिला। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, राजेंद्र पाल, एनसीपी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला समेत कई नेताओं ने जंतर मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने भी सोशल मीडिया के जरिए सीजेपी को समर्थन दिया। इस दौरान पवन खेड़ा ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से संवाद कर समाधान निकालना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं, हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार बार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सेहत देश के लिए महत्वपूर्ण है।