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दिल्ली बनेगी चिप कैपिटल: सेमीकंडक्टर पॉलिसी से खुलेंगे रोजगार के दरवाजे, युवाओं के लिए सुनहरा सिग्नल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 20 Apr 2026 02:08 AM IST
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सार

इसका मकसद दिल्ली को चिप डिजाइन, रिसर्च, पैकेजिंग और हाईटेक उद्योगों का बड़ा केंद्र बनाना है। इससे तकनीक के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौकरियों के अवसर मिलेंगे जिससे युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे।

Delhi to become Chip Capital, Semiconductor Policy to open doors for employment
CM Rekha Gupta - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

दिल्ली सरकार ने सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। इसका मकसद दिल्ली को चिप डिजाइन, रिसर्च, पैकेजिंग और हाईटेक उद्योगों का बड़ा केंद्र बनाना है। इससे तकनीक के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौकरियों के अवसर मिलेंगे जिससे युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे।

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दिल्ली सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह नीति सिर्फ दिल्ली नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अहम मानी जा रही है। क्योंकि इससे रोजगार, निवेश और तकनीकी विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी को सेमीकंडक्टर डिजाइन, उन्नत अनुसंधान, नवाचार और असेंबल गतिविधियों का मजबूत केंद्र बनाया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अहम कड़ी है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, कार, मेडिकल उपकरण, रक्षा तकनीक और डिजिटल सिस्टम से लेकर रोजमर्रा की कई चीजें इसी पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन के अनुरूप होगी और देश में सेमीकंडक्टर सेक्टर के विकास में दिल्ली की सक्रिय भूमिका होगी।

पांच बड़े क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
सरकार के मुताबिक, प्रस्तावित नीति में पांच प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। इनमें पहला क्षेत्र सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा विकास है। दूसरा, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा देना, तीसरा, विनिर्माण से जुड़ी गतिविधियां जैसे असेंबल, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग यानी एटीएमपी तथा ओएसएटी इकाइयों का विकास, चौथा, युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और टैलेंट तैयार करना और पांचवां, स्टार्टअप और औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत बनाना होगा।

दिल्ली में नौकरियों के अवसर
इस नीति का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के क्षेत्र में होगा। सरकार का मानना है कि चिप डिजाइन, रिसर्च, एडवांस पैकेजिंग, टेस्टिंग और टेक सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नई नौकरियाें के दरवाजे खुलेंगे। इंजीनियरिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डाटा, मशीन डिजाइन और प्रबंधन से जुड़े युवाओं को खास फायदा मिल सकता है। इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम, इंटर्नशिप और उद्योग-शैक्षणिक संस्थानों की साझेदारी के जरिए छात्रों को सीधे उद्योग से जोड़ा जाएगा।

निवेशकों के लिए बनेगा बेहतर माहौल
सरकारी नीति के तहत निजी निवेश बढ़ाने पर जोर है। इसके लिए पूंजीगत सब्सिडी, आधारभूत ढांचे का विकास, परिचालन लागत कम करने और कारोबार आसान बनाने जैसे कदम प्रस्तावित हैं। घरेलू और विदेशी कंपनियों को दिल्ली में निवेश के लिए आकर्षित करने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि यदि डिजाइन, पैकेजिंग और टेस्टिंग सेक्टर में बड़े निवेश आते हैं तो उससे सहायक उद्योग भी तेजी से बढ़ेंगे। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी नया बाजार मिलेगा।

देश के लिए क्यों अहम है यह नीति
सेमीकंडक्टर आज डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। मोबाइल से लेकर रक्षा उपकरण तक हर आधुनिक तकनीक में इसकी मांग बढ़ा रही है। ऐसे में दिल्ली इस क्षेत्र में मजबूत नीति लाती है तो इसका असर देशभर में दिख सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि नीति लागू होने के बाद दिल्ली में मजबूत, नवाचार आधारित और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित होगा।

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