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Delhi Zoo: तो क्या चिड़ियाघर में सियार मरा नहीं मारा गया, नेशनल जू वर्कर्स यूनियन के आरोपों से सब सन्न
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 15 Jan 2026 01:54 AM IST
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सार
आरोप नेशनल जू वर्कर्स यूनियन ने लगाए हैं और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र लिखकर कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की है।
Delhi Zoo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में एक सियार की मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि उसे जलाकर मारा गया। यह आरोप नेशनल जू वर्कर्स यूनियन ने लगाए हैं और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र लिखकर कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की है। सूत्रों की माने तो मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पत्र के अनुसार, नवंबर महीने में चिड़ियाघर परिसर से कुछ सियार अपने बाड़े से बाहर निकल गए थे। इन्हीं में से एक सियार बीट नंबर-चार में पहुंचकर हिमालयन ब्लैक बियर के बाड़े तक चला गया। यूनियन का दावा है कि सियार को सुरक्षित पकड़ने या बचाने की तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और उसे भालू के बाड़े में मार दिया गया।
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आरोप है कि दैनिक वेतन पर काम करने वाले मजदूरों को बुलाया गया, बाड़े में मिर्च पाउडर डाला गया और आग लगा दी गई जिससे सियार की मौत हो गई। यूनियन ने सबूत नष्ट करने के भी आरोप लगाए हैं। नियमों के अनुसार किसी भी वन्यजीव की मौत की तुरंत सूचना देना, पशु चिकित्सकीय जांच कराना और पोस्टमार्टम के लिए शव सुरक्षित रखना जरूरी होता है।
नेशनल जू वर्कर्स यूनियन ने मंत्रालय से मांग की है कि चिड़ियाघर और दिल्ली वन विभाग से बाहर के अधिकारियों की एक स्वतंत्र जांच टीम बनाई जाए। साथ ही जांच कोर्ट या मंत्रालय की निगरानी में कराई जाए। यूनियन ने दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की भी मांग की है।
यूनियन ने 14 से 20 दिसंबर 2025 के बीच घटना स्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि यह फुटेज महत्वपूर्ण सबूत है और इसे किसी भी तरह से नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल इस मामले में चिड़ियाघर प्रबंधन कुछ भी बोलने से बच रहा है।