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Delhi NCR News: पॉक्सो मामले में अतिरिक्त एफएसएल रिपोर्ट चार सप्ताह में पेश करने का निर्देश
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दिल्ली हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को मोबाइल से क्लोन किए गए डेटा से संबंधित रिपोर्ट पर कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पॉक्सो मामले में जांच अधिकारी को मोबाइल से क्लोन किए गए डेटा से संबंधित अतिरिक्त फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) से चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने शिकायतकर्ता की याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिका में आगे की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी करने और सब्जी मंडी पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर में पूरक पुलिस रिपोर्ट दाखिल करने की मांग की थी।
दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। हालांकि संबंधित पक्षों के मोबाइल फोन से क्लोन किए गए डेटा से जुड़ी अतिरिक्त एफएसएल रिपोर्ट अभी लंबित है। कोर्ट ने जांच अधिकारी को एफएसएल से संपर्क कर रिपोर्ट हासिल करने का निर्देश दिया और चार सप्ताह में रिपोर्ट आने की उम्मीद जताई। पुलिस ने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट मिलने के बाद अगले चार सप्ताह के अंदर पूरक पुलिस रिपोर्ट संबंधित अदालत में दाखिल कर दी जाएगी।
मामला 9 सितंबर 2024 को सब्जी मंडी थाने में पॉक्सो के तहत दर्ज मामले से जुड़ा हुआ था। याचिका के अनुसार कथित घटना 27 अप्रैल 2024 को हुई थी, जब पीड़िता 16 वर्ष से कम उम्र की थी। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में आरोप लगाया था कि जांच एजेंसी द्वारा पूरक चार्जशीट के जरिए दाखिल किए जाने वाले कुछ साक्ष्य अभी भी लंबित हैं। इनमें प्रमाणित कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन डिटेल्स, जब्त मोबाइल फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट, क्लोन कॉपी और इलेक्ट्रॉनिक डेटा तथा व्यापक पूरक पुलिस रिपोर्ट शामिल हैं। विशेष अदालत के समक्ष जांच अधिकारी ने पहले कहा था कि संबंधित सीडीआर प्राप्त हो चुके हैं और पूरक चार्जशीट तैयार की जा रही है। इसके बावजूद सामग्री पूरी तरह रिकॉर्ड पर नहीं आई। याचिका में एफएसएल रिपोर्ट, फॉरेंसिक एक्सट्रैक्शन रिपोर्ट, क्लोन फॉरेंसिक इमेज, हैश वैल्यू और चेन-ऑफ-कस्टडी दस्तावेज संरक्षित रखने तथा पेश करने की भी मांग की गई थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पॉक्सो मामले में जांच अधिकारी को मोबाइल से क्लोन किए गए डेटा से संबंधित अतिरिक्त फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) से चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने शिकायतकर्ता की याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिका में आगे की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी करने और सब्जी मंडी पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर में पूरक पुलिस रिपोर्ट दाखिल करने की मांग की थी।
दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। हालांकि संबंधित पक्षों के मोबाइल फोन से क्लोन किए गए डेटा से जुड़ी अतिरिक्त एफएसएल रिपोर्ट अभी लंबित है। कोर्ट ने जांच अधिकारी को एफएसएल से संपर्क कर रिपोर्ट हासिल करने का निर्देश दिया और चार सप्ताह में रिपोर्ट आने की उम्मीद जताई। पुलिस ने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट मिलने के बाद अगले चार सप्ताह के अंदर पूरक पुलिस रिपोर्ट संबंधित अदालत में दाखिल कर दी जाएगी।
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मामला 9 सितंबर 2024 को सब्जी मंडी थाने में पॉक्सो के तहत दर्ज मामले से जुड़ा हुआ था। याचिका के अनुसार कथित घटना 27 अप्रैल 2024 को हुई थी, जब पीड़िता 16 वर्ष से कम उम्र की थी। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में आरोप लगाया था कि जांच एजेंसी द्वारा पूरक चार्जशीट के जरिए दाखिल किए जाने वाले कुछ साक्ष्य अभी भी लंबित हैं। इनमें प्रमाणित कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन डिटेल्स, जब्त मोबाइल फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट, क्लोन कॉपी और इलेक्ट्रॉनिक डेटा तथा व्यापक पूरक पुलिस रिपोर्ट शामिल हैं। विशेष अदालत के समक्ष जांच अधिकारी ने पहले कहा था कि संबंधित सीडीआर प्राप्त हो चुके हैं और पूरक चार्जशीट तैयार की जा रही है। इसके बावजूद सामग्री पूरी तरह रिकॉर्ड पर नहीं आई। याचिका में एफएसएल रिपोर्ट, फॉरेंसिक एक्सट्रैक्शन रिपोर्ट, क्लोन फॉरेंसिक इमेज, हैश वैल्यू और चेन-ऑफ-कस्टडी दस्तावेज संरक्षित रखने तथा पेश करने की भी मांग की गई थी।
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