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Delhi NCR News: डूटा 12 कॉलेजों के एडहॉक शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर तेज करेगा आंदोलन
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-तैयार किया एक्शन प्रोग्राम, मांग पूरी नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने दिल्ली सरकार से सौ फीसदी वित्त पोषित और डीयू से संबद्ध 12 कॉलेजों में कार्यरत एडहॉक और अस्थायी शिक्षकों के समायोजन एवं नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। डूटा की कार्यकारी समिति की बीते बृहस्पतिवार को इस मुद्दे पर हुई बैठक में रणनीति तैयार कर आगामी दिनों के लिए एक्शन प्रोग्राम तय किया गया।
डूटा ने कहा कि इन कॉलेजों में शिक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब भी उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। डूटा ने इसके लिए दिल्ली सरकार की कथित उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। डूटा के अनुसार मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से बार-बार अपील के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। अब इस मामले में उपराज्यपाल को भी अपील भेजी जाएगी।
डूटा ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों के नियमितीकरण पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो हड़ताल और जनआंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। डूटा ने कहा कि दिल्ली सरकार से 100 फीसदी वित्त पोषित कॉलेजों में एक दशक से अधिक समय से पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। डूटा की मांग है कि इन सभी अनुभवी तदर्थ-अस्थायी शिक्षकों को तुरंत नियमित किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने दिल्ली सरकार से सौ फीसदी वित्त पोषित और डीयू से संबद्ध 12 कॉलेजों में कार्यरत एडहॉक और अस्थायी शिक्षकों के समायोजन एवं नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। डूटा की कार्यकारी समिति की बीते बृहस्पतिवार को इस मुद्दे पर हुई बैठक में रणनीति तैयार कर आगामी दिनों के लिए एक्शन प्रोग्राम तय किया गया।
डूटा ने कहा कि इन कॉलेजों में शिक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब भी उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। डूटा ने इसके लिए दिल्ली सरकार की कथित उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। डूटा के अनुसार मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से बार-बार अपील के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। अब इस मामले में उपराज्यपाल को भी अपील भेजी जाएगी।
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डूटा ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों के नियमितीकरण पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो हड़ताल और जनआंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। डूटा ने कहा कि दिल्ली सरकार से 100 फीसदी वित्त पोषित कॉलेजों में एक दशक से अधिक समय से पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। डूटा की मांग है कि इन सभी अनुभवी तदर्थ-अस्थायी शिक्षकों को तुरंत नियमित किया जाए।
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