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Delhi NCR News: साउदर्न रिज के वन क्षेत्र से सड़क निकालने के आरोप पर एनजीटी का नोटिस
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फार्म हाउसों को रास्ता देने के एसडीएम के आदेश के खिलाफ याचिका, 15 अक्तूबर को अगली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। असोला गांव स्थित साउदर्न रिज के वन क्षेत्र से सड़क निकालने के आरोप वाली याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने की। याचिका देवेंद्र ने दायर की है।
याचिका के अनुसार, 24 मई 1994 को भारतीय वन अधिनियम की धारा-4 के तहत साउदर्न रिज की जमीन को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी। 28 फरवरी 2012 के आदेश के बाद वन भूमि की पहचान और सीमांकन का काम विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को सौंपा गया, जिसे 2013 में पूरा किया गया। इसमें खसरा नंबर 1274 को वन भूमि के रूप में चिह्नित किया गया। वन विभाग ने जमीन के चारों ओर चारदीवारी भी बनाई है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि बी-7, बी-8 और बी-9 फार्म हाउस के मालिकों की रास्ते की मांग पर एसडीएम, साकेत ने 22 नवंबर 2021 को वन विभाग को अवरोध हटाकर वन भूमि से रास्ता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। याचिका में कहा गया है कि वन भूमि के अन्य उपयोग के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना रास्ता नहीं दिया जा सकता। एनजीटी ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। असोला गांव स्थित साउदर्न रिज के वन क्षेत्र से सड़क निकालने के आरोप वाली याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने की। याचिका देवेंद्र ने दायर की है।
याचिका के अनुसार, 24 मई 1994 को भारतीय वन अधिनियम की धारा-4 के तहत साउदर्न रिज की जमीन को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी। 28 फरवरी 2012 के आदेश के बाद वन भूमि की पहचान और सीमांकन का काम विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को सौंपा गया, जिसे 2013 में पूरा किया गया। इसमें खसरा नंबर 1274 को वन भूमि के रूप में चिह्नित किया गया। वन विभाग ने जमीन के चारों ओर चारदीवारी भी बनाई है।
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याचिकाकर्ता का आरोप है कि बी-7, बी-8 और बी-9 फार्म हाउस के मालिकों की रास्ते की मांग पर एसडीएम, साकेत ने 22 नवंबर 2021 को वन विभाग को अवरोध हटाकर वन भूमि से रास्ता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। याचिका में कहा गया है कि वन भूमि के अन्य उपयोग के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना रास्ता नहीं दिया जा सकता। एनजीटी ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी।
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