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Delhi NCR News: समन अवमानना केस में अरविंद केजरीवाल के बरी होने के फैसले के खिलाफ ईडी ने की अपील
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- ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में अरविंद केजरीवाल की बरी होने की चुनौती दी है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बरी होने वाले फैसले के खिलाफ अपील दायर की है। मामला दिल्ली आबकारी नीति के कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा जारी समन का पालन न करने से संबंधित है। ईडी ने फरवरी 2024 में केजरीवाल पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत जारी पांच समनों का पालन न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की थी। केजरीवाल ने इन समनों पर ईडी के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया था। राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने जनवरी 2026 में केजरीवाल को इन मामलों से बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि ईडी समन का जानबूझकर उल्लंघन साबित करने में विफल रही। मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि समन पर न पेश होना अपने आप में जानबूझकर अवज्ञा नहीं माना जा सकता। ईडी ने अब इस बरी होने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की एकलपीठ इस मामले पर बुधवार को सुनवाई करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बरी होने वाले फैसले के खिलाफ अपील दायर की है। मामला दिल्ली आबकारी नीति के कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा जारी समन का पालन न करने से संबंधित है। ईडी ने फरवरी 2024 में केजरीवाल पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत जारी पांच समनों का पालन न करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की थी। केजरीवाल ने इन समनों पर ईडी के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया था। राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने जनवरी 2026 में केजरीवाल को इन मामलों से बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि ईडी समन का जानबूझकर उल्लंघन साबित करने में विफल रही। मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि समन पर न पेश होना अपने आप में जानबूझकर अवज्ञा नहीं माना जा सकता। ईडी ने अब इस बरी होने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की एकलपीठ इस मामले पर बुधवार को सुनवाई करेगी।