सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Rise in raw material prices, inflation hits textile and plastics businesses

ईरान युद्ध का असर: कच्चे माल की कीमतों में उछाल, कपड़ा और प्लास्टिक कारोबार पर महंगाई की मार

सचिन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vijay Singh Pundir Updated Tue, 07 Apr 2026 08:40 AM IST
विज्ञापन
सार

व्यापारियों के अनुसार, धागे, सूती और सिंथेटिक फाइबर की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। कीमतों में बढ़ोतरी के कारण व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और आम ग्राहकों की जेब पर भी बोझ बढ़ा है।

Rise in raw material prices, inflation hits textile and plastics businesses
कपड़ा मार्केट - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब कपड़ा और प्लास्टिक उद्योग पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुई अनिश्चितता और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में इस बढ़ोतरी का असर कपड़ा और प्लास्टिक उद्योग पर पड़ रहा है। राजधानी के प्रमुख कपड़ा बाजार गांधी नगर, चांदनी चौक, टैंक रोड़, लाजपत नगर, करोल बाग और सरोजिनी नगर मार्केट में कारोबार सुस्त दिखाई दे रहा है। 

Trending Videos


व्यापारियों के अनुसार, धागे, सूती और सिंथेटिक फाइबर की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। कीमतों में बढ़ोतरी के कारण व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और आम ग्राहकों की जेब पर भी बोझ बढ़ा है। गांधी नगर के थोक कपड़ा व्यापारी मोहम्मद खुशनूर ने बताया कि पहले जो कच्चा माल हमें सस्ते में मिल जाता था, अब उसकी कीमत काफी बढ़ गई है। इसका असर सीधे तैयार कपड़ों पर पड़ा है और ग्राहक अब सीमित मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं। चांदनी चौक के दुकानदार विकास ने बताया कि लागत बढ़ने से मुनाफा लगभग खत्म हो गया है। सरोजिनी नगर के दुकानदार विवेक शर्मा के मुताबिक, ग्राहक सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं या खरीदारी टाल रहे हैं। इससे बिक्री लगातार घट रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


थोक कारोबार पर पड़ रहा असर
सरोजिनी नगर मिनी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता का असर थोक बाजारों के साथ-साथ स्थानीय बाजारों पर भी पड़ता है। जब कच्चे माल की कीमतें बढ़ती हैं, तो उत्पादन लागत बढ़ जाती है। छोटे दुकानदार इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि कपड़े में बढ़ोतरी का असर व्यापारियों के साथ-साथ आम आदमी पर भी पड़ रहा है। 

प्लास्टिक उद्योग में भी बढ़ी महंगाई
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि का असर प्लास्टिक उद्योग पर भी पड़ा है। पॉलीमर और रेजिन जैसे कच्चे माल महंगे हो गए हैं। राजधानी के प्रमुख प्लास्टिक बाजार सदर बाजार ,ओखला इंडस्ट्रियल एरिया और बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। 

सप्लाई चेन और वैश्विक असर
बाजारों के मामलों के आर्थिक विशेषज्ञ ऋषि जैन ने बताया कि युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। कच्चे माल की कमी और आयात में देरी के चलते कीमतों में तेजी आई है। इसका असर अब सीधे तौर पर स्थानीय बाजारों पर पड़ रहा है। चांदनी चौक के इमरान ने बताया कि ग्राहक अब केवल जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं। 

ग्राहकों की जेब पर बढ़ रहा बोझ
महंगाई का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आरके पुरम निवासी सुनीता ने बताया कि पहले हम त्योहारों या जरूरत के समय कपड़े आसानी से खरीद लेते थे, लेकिन अब कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि सोच-समझकर ही खरीदारी करनी पड़ती है। घरेलू उपयोग के प्लास्टिक सामान खरीदने आए राकेश कुमार ने बताया कि हर चीज महंगी हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed