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Delhi: 1511 अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:06 PM IST
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सार
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने वर्षों से अनदेखी इस पीड़ा को समझा, उन परिवारों के सपनों को महसूस किया जो अपने ही घर में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। इसी संवेदनशील सोच से पीएम उदय योजना का मार्ग बना, और आज 1731 में से 1511 अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हुआ है।'
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और सीएम रेखा गुप्ता
- फोटो : YT/@pibindia
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विस्तार
केंद्र सरकार ने दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की तैयारी की है। ‘As-is Where-is नीति के तहत अब इन कॉलोनियों को नियमित करने की राहें आसान हो जाएंगी, जिससे लगभग 50 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल और सीएम रेखा गुप्ता ने प्रेस वार्ता कर अनाधिकृत कॉलोनियों को लेकर जानकारी दी है।
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मंत्री मनोहर लाल ने बताया, 2019 में अवैध कॉलोनियों के लिए पीएम उदय योजना को लागू किया गया था, इसके तहत भवन की रेगुलराइज करने की योजना था। 40 हजार मकानों का हुआ लेकिन इसकी रफ्तार धीमी थी। अब अवैध कॉलोनियों का रेगुलराइज करने की प्रक्रिया आसान होगी। 1731 अवैध कॉलोनियों में से 1511 को इस स्कीम के तहत नियमित किया जाएगा। रेखा गुप्ता ने भी इसे लोगों के लिए बड़ी राहत बताया है।
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सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने वर्षों से अनदेखी इस पीड़ा को समझा, उन परिवारों के सपनों को महसूस किया जो अपने ही घर में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। इसी संवेदनशील सोच से पीएम उदय योजना का मार्ग बना, और आज 1731 में से 1511 अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हुआ है।'
उन्होंने आगे कहा, '24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। 7 दिन में जीआईएस सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमी दूर करने की प्रक्रिया, और 45 दिन में कन्वेयंस डीड जारी करने की समयसीमा तय की गई है। केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने मिलकर इस प्रक्रिया की 22 बड़ी बाधाओं को दूर किया ताकि लाखों परिवारों को उनका हक बिना अटके, लटके, भटके मिल सके। साथ ही, 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।
सीएम ने कहा, 'इसके साथ ही, प्रधानमंत्री के विजनरी सोच के अनुरूप दिल्ली के भविष्य को भी मजबूत किया जा रहा है। टीओडी नीति के तहत मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्लांड, हाई-डेंसिटी और मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। इससे सस्ती आवास व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और आसान जीवन का मार्ग खुलेगा, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह एक बड़ा सहारा बनेगा।'