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पीएम मोदी की अपील का असर: सोने की खरीद में गिरावट, दिल्ली के प्रमुख बाजारों में दो दिन से सुस्ती का आलम

अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 13 May 2026 05:58 AM IST
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सार

दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों में बीते दो दिनों के दौरान सोने की खरीदारी में गिरावट दर्ज की गई है। व्यापारी इसे लेकर चिंता जता रहे हैं। वहीं, ग्राहकों में भी असमंजस की स्थिति दिखाई दे रही है।

Effect of PM Modi appeal: Gold purchases decline, now not even taking it in installments
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विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद राजधानी के सराफा बाजारों में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों में बीते दो दिनों के दौरान सोने की खरीदारी में गिरावट दर्ज की गई है। व्यापारी इसे लेकर चिंता जता रहे हैं। वहीं, ग्राहकों में भी असमंजस की स्थिति दिखाई दे रही है।

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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए लोगों से एक साल तक सोने के गहनों की खरीदारी से बचने की अपील की थी। इसका असर अब बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली के कई ज्वैलरी कारोबारियों का कहना है कि शादी-ब्याह और पारिवारिक समारोहों के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहक फिलहाल इंतजार करने लगे हैं। 
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कई ग्राहक यह मान रहे हैं कि यदि बाजार में मांग घटती है तो आने वाले समय में सोने की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। पहले ही लगभग 25 प्रतिशत तक नरमी आ चुकी है : कारोबारियों का कहना है कि सोने के दामों में बड़ी गिरावट की आशंका कम है। उनके अनुसार पिछले साल दिवाली से मार्च तक सोने की कीमतों में काफी तेजी देखने को मिली थी, लेकिन उसके बाद बाजार में पहले ही लगभग 25 प्रतिशत तक नरमी आ चुकी है। व्यापारियों का मानना है कि मौजूदा समय में कृषि सीजन भी बाजार को प्रभावित करता है। 

होली से मानसून तक किसान खेती में व्यस्त रहते हैं। फसल बिकने के बाद ही ग्रामीण इलाकों में सोने की खरीद बढ़ती है। किस्तों वाली योजनाओं में भी पैसा जमा कराने से बच रहे हैं लोग। कई सुनार और आभूषण विक्रेता परेशान नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि ग्राहकों में डर का माहौल बन गया है और कई लोग सोने की किस्तों वाली योजनाओं में भी पैसा जमा कराने से बच रहे हैं। बाजार में अनिश्चितता बढ़ने से छोटे व्यापारियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। 

सराफा बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में यही स्थिति बनी रही तो कारोबार पर व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल व्यापारी बाजार के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कई ग्राहकों ने कहा कि जितनी आवश्यकता होगी उतना सोने के आभूषण की खरीदारी करेंगे। 

अर्थव्यवस्था के लिए सोना इतना अहम क्यों
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के इंडिया गोल्ड पॉलिसी सेंटर की प्रमुख प्रोफेसर सुंदरावल्ली के अनुसार भारत हर साल करीब 600 से 700 टन सोने का आयात करता है जबकि निर्यात बेहद कम होता है। देश में बड़ी मात्रा में सोना घरों में जमा है और अनुमान तो यहां तक हैं कि भारतीय परिवारों के पास लगभग 25 से 27 हजार टन सोना मौजूद है।

प्रो. सुंदरावल्ली के अनुसार भारत में हर साल करीब 700 से 800 टन सोने की खपत होती है, लेकिन घरेलू उत्पादन केवल एक से दो टन के आसपास है। ऐसे में देश अपनी जरूरत का सोना आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर बड़ा दबाव पड़ता है। यानी डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है।

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