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Delhi NCR News: प्रॉपर्टी विवाद में बुजुर्ग महिला को राहत, लेकिन घर खाली कराने से इन्कार
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- आदेश में कहा गया कि उन्हें तुरंत ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया जाए, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में आसानी हो सके
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके से एक अहम मामला सामने आया है, जिसमें 83 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक राज पोपली ने अपने नाती और उसकी पत्नी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए घर खाली कराने की मांग की थी। इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट (ईस्ट) अमोल श्रीवास्तव की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि विवादित मकान की मालिक राज पोपली ही हैं। हालांकि, अदालत ने पाया कि उत्पीड़न से जुड़े आरोप पर्याप्त रूप से स्पष्ट और प्रमाणित नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने घर खाली कराने का आदेश देने से इन्कार कर दिया। फिर भी अदालत ने बुजुर्ग महिला की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी सुविधा के लिए विशेष निर्देश दिए।
आदेश में कहा गया कि उन्हें तुरंत ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया जाए, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में आसानी हो सके। इसके अलावा, शकरपुर थाना पुलिस को निर्देश दिया गया है कि एक महीने तक हर सप्ताह बीट कांस्टेबल भेजकर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और स्थिति पर नजर रखी जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रॉपर्टी विवाद के समाधान के लिए आवेदक संबंधित सिविल कोर्ट का रुख कर सकती हैं।
आवेदक राज पोपली ने आरोप लगाया था कि उनके नाती कुणाल गांधी और उसकी पत्नी सपना गांधी उन्हें मानसिक रूप से परेशान करते हैं, गाली-गलौज करते हैं और मकान अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाते हैं। वहीं, प्रतिवादियों ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके से एक अहम मामला सामने आया है, जिसमें 83 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक राज पोपली ने अपने नाती और उसकी पत्नी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए घर खाली कराने की मांग की थी। इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट (ईस्ट) अमोल श्रीवास्तव की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि विवादित मकान की मालिक राज पोपली ही हैं। हालांकि, अदालत ने पाया कि उत्पीड़न से जुड़े आरोप पर्याप्त रूप से स्पष्ट और प्रमाणित नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने घर खाली कराने का आदेश देने से इन्कार कर दिया। फिर भी अदालत ने बुजुर्ग महिला की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी सुविधा के लिए विशेष निर्देश दिए।
आदेश में कहा गया कि उन्हें तुरंत ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया जाए, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में आसानी हो सके। इसके अलावा, शकरपुर थाना पुलिस को निर्देश दिया गया है कि एक महीने तक हर सप्ताह बीट कांस्टेबल भेजकर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और स्थिति पर नजर रखी जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रॉपर्टी विवाद के समाधान के लिए आवेदक संबंधित सिविल कोर्ट का रुख कर सकती हैं।
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आवेदक राज पोपली ने आरोप लगाया था कि उनके नाती कुणाल गांधी और उसकी पत्नी सपना गांधी उन्हें मानसिक रूप से परेशान करते हैं, गाली-गलौज करते हैं और मकान अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाते हैं। वहीं, प्रतिवादियों ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया।