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खेती और तकनीक का संगम ही विकसित भारत का आधार : सीएम
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सीएम रेखा गुप्ता भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के 122वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई) में आयोजित 122वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने देश के अन्नदाताओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इस संस्थान ने खेतों को प्रयोगशालाओं से जोड़ते हुए हरित क्रांति से लेकर आधुनिक तकनीकों तक भारत की खेती को नई दिशा दी है और खाद्य सुरक्षा व आत्मनिर्भरता को मजबूत किया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खाद्यान्न, पोषण और आजीविका सुरक्षा के लिए उन्नत फसल किस्में’ और ‘प्रिसिशन फ्लोरिकल्चर व लैंडस्केप डिजाइन’ पर आधारित पुस्तकों का विमोचन भी किया। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रवीन्द्र इन्द्राज सिंह और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सचिव एवं महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट समेत कई लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत विजन का आधार विकसित कृषि और समृद्ध किसान है। उनके नेतृत्व में खेती को प्रिसिशन फार्मिंग, क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर और एआई आधारित तकनीकों के जरिए ज्यादा आधुनिक, असरदार और टिकाऊ बनाया जा रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए अधिक वृक्षारोपण, वर्टिकल गार्डनिंग, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन करने पर जोर दिया। उन्होंने नागरिकों, संस्थानों और समुदायों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। साथ ही, पीपल, नीम, बरगद और आम जैसे देशी वृक्षों को प्राथमिकता देने की बात कही।
सरकार ने रिज क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पहली बार रिज क्षेत्र के लगभग 4200 हेक्टेयर को अधिसूचित कर हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया है और आईएआरआई से मिट्टी की उर्वरता, शहरी हरियाली व वैज्ञानिक पौधरोपण के लिए सहयोग मांगा है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों से जल स्तर सुधार, कृषि विकास और शहरी खेती को बढ़ावा देने में योगदान देने का आह्वान किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई) में आयोजित 122वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने देश के अन्नदाताओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इस संस्थान ने खेतों को प्रयोगशालाओं से जोड़ते हुए हरित क्रांति से लेकर आधुनिक तकनीकों तक भारत की खेती को नई दिशा दी है और खाद्य सुरक्षा व आत्मनिर्भरता को मजबूत किया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खाद्यान्न, पोषण और आजीविका सुरक्षा के लिए उन्नत फसल किस्में’ और ‘प्रिसिशन फ्लोरिकल्चर व लैंडस्केप डिजाइन’ पर आधारित पुस्तकों का विमोचन भी किया। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रवीन्द्र इन्द्राज सिंह और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सचिव एवं महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट समेत कई लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत विजन का आधार विकसित कृषि और समृद्ध किसान है। उनके नेतृत्व में खेती को प्रिसिशन फार्मिंग, क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर और एआई आधारित तकनीकों के जरिए ज्यादा आधुनिक, असरदार और टिकाऊ बनाया जा रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए अधिक वृक्षारोपण, वर्टिकल गार्डनिंग, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन करने पर जोर दिया। उन्होंने नागरिकों, संस्थानों और समुदायों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। साथ ही, पीपल, नीम, बरगद और आम जैसे देशी वृक्षों को प्राथमिकता देने की बात कही।
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सरकार ने रिज क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पहली बार रिज क्षेत्र के लगभग 4200 हेक्टेयर को अधिसूचित कर हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया है और आईएआरआई से मिट्टी की उर्वरता, शहरी हरियाली व वैज्ञानिक पौधरोपण के लिए सहयोग मांगा है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों से जल स्तर सुधार, कृषि विकास और शहरी खेती को बढ़ावा देने में योगदान देने का आह्वान किया।