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Delhi NCR News: गर्मी के बीच बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड, 7776 मेगावाट तक पहुंची
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- इससे एक दिन पहले भी मांग 7,542 मेगावाट और रात के समय 7,600 मेगावाट तक दर्ज की गई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। मंगलवार दोपहर 3:30 बजे दिल्ली की बिजली की पीक डिमांड 7,776 मेगावाट तक पहुंच गई, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। इससे एक दिन पहले भी मांग 7,542 मेगावाट और रात के समय 7,600 मेगावाट तक दर्ज की गई थी। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल के अंत में ही बिजली की मांग 7,000 मेगावाट के स्तर को पार कर गई थी, जबकि पहले यह स्तर आमतौर पर मई में दर्ज होता था।
दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार बढ़ती मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर रही हैं। दोनों कंपनियां मिलकर लाखों उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। आने वाले समय में बिजली की मांग 9,000 मेगावाट से अधिक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जो पिछले वर्षों के रिकॉर्ड से भी ज्यादा होगी। ऐसे में तेज गर्मी और लगातार तापमान में वृद्धि का मुख्य कारण है। बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि मांग को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों, ग्रीन एनर्जी स्रोतों और आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित अनुमान प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही सौर, पवन और हाइड्रो ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से भी बिजली आपूर्ति बढ़ाई जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। मंगलवार दोपहर 3:30 बजे दिल्ली की बिजली की पीक डिमांड 7,776 मेगावाट तक पहुंच गई, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। इससे एक दिन पहले भी मांग 7,542 मेगावाट और रात के समय 7,600 मेगावाट तक दर्ज की गई थी। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल के अंत में ही बिजली की मांग 7,000 मेगावाट के स्तर को पार कर गई थी, जबकि पहले यह स्तर आमतौर पर मई में दर्ज होता था।
दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार बढ़ती मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर रही हैं। दोनों कंपनियां मिलकर लाखों उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। आने वाले समय में बिजली की मांग 9,000 मेगावाट से अधिक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जो पिछले वर्षों के रिकॉर्ड से भी ज्यादा होगी। ऐसे में तेज गर्मी और लगातार तापमान में वृद्धि का मुख्य कारण है। बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि मांग को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों, ग्रीन एनर्जी स्रोतों और आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित अनुमान प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही सौर, पवन और हाइड्रो ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से भी बिजली आपूर्ति बढ़ाई जा रही है।
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