सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Transport associations and unions in Delhi-NCR announced Chakka Jam from May 21 to 23

दिल्ली-NCR में तीन दिन नहीं घूमेंगे ट्रकों के पहिए: यूनियनों का चक्का जाम का एलान, इस फैसले से फूटा गुस्सा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Tue, 19 May 2026 06:42 PM IST
विज्ञापन
सार

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और दिल्ली सरकार की नीतियों के विरोध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के नेतृत्व में दिल्ली-एनसीआर की 68 से अधिक परिवहन एसोसिएशनों और यूनियनों ने 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय चक्का जाम का एलान किया है। 

Transport associations and unions in Delhi-NCR announced Chakka Jam from May 21 to 23
दिल्ली-एनसीआर में हड़ताल का एलान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और दिल्ली सरकार की नीतियों के विरोध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के नेतृत्व में दिल्ली-एनसीआर की 68 से अधिक परिवहन एसोसिएशनों और यूनियनों ने 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय चक्का जाम का एलान किया है। संगठनों का आरोप है कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) में भारी बढ़ोतरी और बीएस-4 कमर्शियल वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध से परिवहन उद्योग पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

Trending Videos

एआईएमटीसी के प्रमुख डॉ. हरीश सभ्रवाल ने कहा कि दिल्ली आने वाले मालवाहक वाहनों पर बिना किसी भेदभाव के ईसीसी बढ़ाया गया है। हल्के कमर्शियल वाहनों पर यह शुल्क करीब 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये और भारी ट्रकों पर 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है। संगठन का दावा है कि यह बढ़ोतरी 40 से 55 प्रतिशत तक है, जिससे ट्रांसपोर्ट कारोबार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय का मूल उद्देश्य केवल उन ट्रांजिट वाहनों को दिल्ली में प्रवेश से रोकना था, जो राजधानी को कॉरिडोर की तरह इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब आवश्यक वस्तुएं लेकर आने वाले और दिल्ली में लोडिंग के लिए खाली प्रवेश करने वाले वाहनों पर भी ईसीसी लगाया जा रहा है, जिन्हें पहले छूट प्राप्त थी।

विज्ञापन

संगठनों ने बीएस-4 वाहनों पर भी ईसीसी लगाए जाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि ये वाहन नवीनतम उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं और ग्रेप-4 के दौरान भी इन्हें संचालन की अनुमति दी जाती है। इसके अलावा 1 नवंबर 2026 से बीएस-4 और उससे नीचे के कमर्शियल वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध को भी अवैज्ञानिक और गैरकानूनी बताया गया है। एआईएमटीसी के अनुसार इससे दिल्ली-एनसीआर के 17 लाख से अधिक ट्रक ऑपरेटरों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

संगठन ने दावा किया कि वर्ष 2015 से अब तक ईसीसी के रूप में करोड़ों रुपये वसूले गए लेकिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। दिसंबर 2025 तक ईसीसी से 1753.2 करोड़ रुपये जुटाए गए, जिनमें से 55 प्रतिशत राशि अब तक खर्च नहीं हुई। परिवहन संगठनों ने सरकार से ईसीसी वृद्धि वापस लेने, केवल ट्रांजिट वाहनों पर शुल्क लागू करने और बीएस-4 वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध हटाने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed