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Faridabad News: 38 वाहनों की हेराफेरी के मामले में आरोपी को नहीं मिली अग्रिम जमानत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने 38 कॉमर्शियल वाहनों की कथित धोखाधड़ी, गबन और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में आरोपी विवेक चावला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच के दौरान एफएसएल रिपोर्ट में हस्ताक्षरों के फर्जी होने की पुष्टि हुई है।
साथ ही, आरोपी यह साबित नहीं कर सका कि उसने वाहन बेचने से पहले कंपनी को सूचित किया या कोई रकम जमा कराई। कोर्ट ने माना कि आरोप गंभीर हैं और मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए आरोपी की कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्रिम जमानत एक विशेष राहत है, जो केवल असाधारण परिस्थितियों में दी जाती है। इन तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने विवेक चावला की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
मामला थाना सेंट्रल फरीदाबाद में 27 मार्च 2024 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, शिकायतकर्ता नितिन मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी के मैनेजर विवेक चावला ने सह-आरोपियों जगतार सिंह और आशीष बंसल के साथ मिलकर करीब 38 से ज्यादा वाहनों को बिना अनुमति बेच दिया और राशि का गबन किया।
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फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने 38 कॉमर्शियल वाहनों की कथित धोखाधड़ी, गबन और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में आरोपी विवेक चावला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच के दौरान एफएसएल रिपोर्ट में हस्ताक्षरों के फर्जी होने की पुष्टि हुई है।
साथ ही, आरोपी यह साबित नहीं कर सका कि उसने वाहन बेचने से पहले कंपनी को सूचित किया या कोई रकम जमा कराई। कोर्ट ने माना कि आरोप गंभीर हैं और मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए आरोपी की कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्रिम जमानत एक विशेष राहत है, जो केवल असाधारण परिस्थितियों में दी जाती है। इन तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने विवेक चावला की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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मामला थाना सेंट्रल फरीदाबाद में 27 मार्च 2024 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, शिकायतकर्ता नितिन मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी के मैनेजर विवेक चावला ने सह-आरोपियों जगतार सिंह और आशीष बंसल के साथ मिलकर करीब 38 से ज्यादा वाहनों को बिना अनुमति बेच दिया और राशि का गबन किया।