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Faridabad News: नोटिस बोर्ड पर बन गई सड़क, हकीकत में गड्ढे और धूल
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-खुशपुरी से नांगल शाहपुरी, राजाका, जेताका और ढाडोली कलां को जोड़ने वाली सड़क का मामला
- विभाग ने काम पूरा होने का लगाया बोर्ड
- विवाद के बाद बोर्ड से हटाई गई तारीख
-ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, कार्रवाई की मांग
रिजवान खान
नूंह। नूंह जिले के खुशपुरी गांव से नांगल शाहपुरी, राजाका, जेताका और ढाडोली कलां को जोड़ने वाला करीब साढ़े आठ किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग इन दिनों सवालों के घेरे में है। जिस सड़क को कागजों में पूरी तरह तैयार दिखाया गया, वह हकीकत में अब भी टूटी-फूटी और बदहाल पड़ी है। ग्रामीणों को पूरे मामले की भनक तब लगी जब लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क किनारे लगाए गए बोर्ड पर निर्माण कार्य 23 सितंबर 2025 से शुरू होकर 22 मार्च 2026 तक पूरा दिखाया गया।
करीब 3 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क बदरपुर, उमरा, आकेड़ा सहित दर्जनों गांवों को नूंह मुख्यालय से जोड़ने का मुख्य मार्ग है। पिछले तीन वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क से निकाली गई सामग्री भी गायब कर दी गई। इससे घोटाले की आशंका और गहरा गई है। मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए। आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों ने पहले बोर्ड पर कार्य प्रगति पर है लिखकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन विरोध बढ़ने पर बोर्ड से काम पूरा होने की तारीख ही मिटा दी गई।
वहीं, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन प्रदीप सिंधु ने सफाई देते हुए कहा कि बोर्ड काम शुरू होते ही लगा दिया जाता है लेकिन बोर्ड लेट लगाया गया। इसके अलावा तकनीकी कारणों के चलते काम समय पर पूरा नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि अगले 15-20 दिनों में सड़क का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
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यह सीधा-सीधा जनता के पैसों के साथ खिलवाड़ है। अगर सड़क बनी ही नहीं तो कागजों में पूरी कैसे दिखा दी गई? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
- मुरसलीम, अधिवक्ता खुशपुरी।
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तीन साल से हम इसी टूटी सड़क से गुजर रहे हैं। बारिश में हालात और खराब हो जाते हैं, लेकिन जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
- ताहिर, सरपंच खुशपुरी।
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आपात स्थिति में मरीजों को ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। यह सिर्फ सड़क का मामला नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है।
- असगर, प्रधान बदरपुर।
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पहले काम पूरा दिखाया, फिर तारीख मिटाई। इससे स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं बड़ी गड़बड़ी है। प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
- अब्बास, खुशपुरी।
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रिजवान खान
नूंह। नूंह जिले के खुशपुरी गांव से नांगल शाहपुरी, राजाका, जेताका और ढाडोली कलां को जोड़ने वाला करीब साढ़े आठ किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग इन दिनों सवालों के घेरे में है। जिस सड़क को कागजों में पूरी तरह तैयार दिखाया गया, वह हकीकत में अब भी टूटी-फूटी और बदहाल पड़ी है। ग्रामीणों को पूरे मामले की भनक तब लगी जब लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क किनारे लगाए गए बोर्ड पर निर्माण कार्य 23 सितंबर 2025 से शुरू होकर 22 मार्च 2026 तक पूरा दिखाया गया।
करीब 3 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क बदरपुर, उमरा, आकेड़ा सहित दर्जनों गांवों को नूंह मुख्यालय से जोड़ने का मुख्य मार्ग है। पिछले तीन वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क से निकाली गई सामग्री भी गायब कर दी गई। इससे घोटाले की आशंका और गहरा गई है। मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए। आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों ने पहले बोर्ड पर कार्य प्रगति पर है लिखकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन विरोध बढ़ने पर बोर्ड से काम पूरा होने की तारीख ही मिटा दी गई।
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वहीं, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन प्रदीप सिंधु ने सफाई देते हुए कहा कि बोर्ड काम शुरू होते ही लगा दिया जाता है लेकिन बोर्ड लेट लगाया गया। इसके अलावा तकनीकी कारणों के चलते काम समय पर पूरा नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि अगले 15-20 दिनों में सड़क का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
यह सीधा-सीधा जनता के पैसों के साथ खिलवाड़ है। अगर सड़क बनी ही नहीं तो कागजों में पूरी कैसे दिखा दी गई? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
- मुरसलीम, अधिवक्ता खुशपुरी।
तीन साल से हम इसी टूटी सड़क से गुजर रहे हैं। बारिश में हालात और खराब हो जाते हैं, लेकिन जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
- ताहिर, सरपंच खुशपुरी।
आपात स्थिति में मरीजों को ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। यह सिर्फ सड़क का मामला नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है।
- असगर, प्रधान बदरपुर।
पहले काम पूरा दिखाया, फिर तारीख मिटाई। इससे स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं बड़ी गड़बड़ी है। प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
- अब्बास, खुशपुरी।