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Faridabad News: 10 लाख मुआवजा नहीं मिला तो सड़क पर अर्थी रख लगाया जाम
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पोस्टमार्टम के बाद मुआवजे से मुकरा मकान मालिक
करंट से दो मजदूरों की मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-14 में सीवर लाइन की खुदाई के दौरान करंट लगने से दो मजदूरों की मौत के मामले में शनिवार दोपहर सहनसाह के परिजनों ने सेक्टर तीन बाईपास सड़क पर अर्थी रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप था कि मकान मालिक ने पोस्टमार्टम कराने के बाद 10 लाख रुपये मुआवजा देने का भरोसा दिया गया था लेकिन बाद में अंतिम संस्कार के लिए केवल 10 हजार रुपये दिए गए।
उनका कहना था कि दस हजार को ही दस लाख बना दिया गया। सहनसाह के परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम से पहले उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि पोस्टमार्टम होने के बाद 10 लाख रुपये का चेक दिया जाएगा। इसी आश्वासन पर उन्होंने पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी थी। उनका कहना था कि पोस्टमार्टम के बाद भी उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। इसके बजाय अंतिम संस्कार के लिए केवल 10 हजार रुपये दिए गए। परिजनों का आरोप था कि दस हजार रुपये देकर ही मामला खत्म करने की कोशिश की गई।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मनीष के परिवार को मुआवजे की राशि दे दी गई, जबकि सहनसाह के परिवार को नहीं दी गई। हालांकि, इस राशि के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। शनिवार करीब एक बजे जब सहनसाह के परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए निकले तो उन्होंने सेक्टर तीन बाईपास पर अर्थी रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे सड़क पर जाम लग गया। परिजनों ने अपनी मांगें लिखित रूप में मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए गए। मृतक सहनसाह अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। परिजनों का कहना था कि परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य चले जाने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया।
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गौरतलब है कि 30 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे सहनसाह व मनीष सेक्टर-14 स्थित मकान नंबर-692 पर सीवर कनेक्शन का कार्य करने गए थे। शिकायत के अनुसार मजदूरों को मकान मालिक सुशील राजपूत और ठेकेदार लक्ष्मण के पास काम के लिए भेजा था। मजदूर मकान के सामने दो स्थानों पर गड्ढे खोद रहे थे। इसी दौरान मनीष चौधरी और सहनसाह एक गड्ढे में उतरकर लोहे की बोकी से खुदाई कर रहे थे। खुदाई के दौरान लोहे की बोकी भूमिगत बिजली के तार से टकरा गई, जिससे उसमें करंट दौड़ गया। करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मकान मालिक सुशील राजपूत और ठेकेदार लक्ष्मण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। मृतकों के परिजनों को समझाया गया था कि उनकी हरसंभव सहायता की जाएगी और उनकी सभी मांगों व पहलुओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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करंट से दो मजदूरों की मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-14 में सीवर लाइन की खुदाई के दौरान करंट लगने से दो मजदूरों की मौत के मामले में शनिवार दोपहर सहनसाह के परिजनों ने सेक्टर तीन बाईपास सड़क पर अर्थी रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप था कि मकान मालिक ने पोस्टमार्टम कराने के बाद 10 लाख रुपये मुआवजा देने का भरोसा दिया गया था लेकिन बाद में अंतिम संस्कार के लिए केवल 10 हजार रुपये दिए गए।
उनका कहना था कि दस हजार को ही दस लाख बना दिया गया। सहनसाह के परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम से पहले उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि पोस्टमार्टम होने के बाद 10 लाख रुपये का चेक दिया जाएगा। इसी आश्वासन पर उन्होंने पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी थी। उनका कहना था कि पोस्टमार्टम के बाद भी उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। इसके बजाय अंतिम संस्कार के लिए केवल 10 हजार रुपये दिए गए। परिजनों का आरोप था कि दस हजार रुपये देकर ही मामला खत्म करने की कोशिश की गई।
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परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मनीष के परिवार को मुआवजे की राशि दे दी गई, जबकि सहनसाह के परिवार को नहीं दी गई। हालांकि, इस राशि के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। शनिवार करीब एक बजे जब सहनसाह के परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए निकले तो उन्होंने सेक्टर तीन बाईपास पर अर्थी रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे सड़क पर जाम लग गया। परिजनों ने अपनी मांगें लिखित रूप में मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए गए। मृतक सहनसाह अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। परिजनों का कहना था कि परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य चले जाने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया।
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गौरतलब है कि 30 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे सहनसाह व मनीष सेक्टर-14 स्थित मकान नंबर-692 पर सीवर कनेक्शन का कार्य करने गए थे। शिकायत के अनुसार मजदूरों को मकान मालिक सुशील राजपूत और ठेकेदार लक्ष्मण के पास काम के लिए भेजा था। मजदूर मकान के सामने दो स्थानों पर गड्ढे खोद रहे थे। इसी दौरान मनीष चौधरी और सहनसाह एक गड्ढे में उतरकर लोहे की बोकी से खुदाई कर रहे थे। खुदाई के दौरान लोहे की बोकी भूमिगत बिजली के तार से टकरा गई, जिससे उसमें करंट दौड़ गया। करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मकान मालिक सुशील राजपूत और ठेकेदार लक्ष्मण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। मृतकों के परिजनों को समझाया गया था कि उनकी हरसंभव सहायता की जाएगी और उनकी सभी मांगों व पहलुओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।