{"_id":"6a6e288184c68036830b5729","slug":"preparations-to-prevent-waterlogging-in-the-district-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-76354-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: जिले में जलभराव रोकने की तैयारी, 3.79 करोड़ से सुधरेगा ड्रेनेज सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: जिले में जलभराव रोकने की तैयारी, 3.79 करोड़ से सुधरेगा ड्रेनेज सिस्टम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-21ए, 55, अल्सॉन चौक समेत कई इलाकों को मिलेगी राहत
प्रतापगढ़ पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी, नई पाइपलाइन से बारिश के पानी की निकासी होगी तेज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हर साल मानसून में जलभराव से जूझने वाले फरीदाबाद शहर के प्रमुख इलाकों को राहत दिलाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। एफएमडीए ने 3.79 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर ड्रेनेज योजना के तहत मशीनरी अपग्रेडेशन और नई डिलीवरी लाइन बिछाने की परियोजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत सेक्टर-21ए, 55, अल्सॉन चौक, प्रतापगढ़ और सेक्टर-23/24 क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।
फरीदाबाद में तेजी से हुए शहरी विस्तार के कारण बारिश के पानी की निकासी बड़ी चुनौती बन गई है। जिले की आबादी लगातार बढ़ने के साथ ही नए सेक्टर, रिहायशी कॉलोनियां और औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुए हैं। फरीदाबाद जिले की आबादी करीब 22 लाख है जिसमें लगभग 16.38 लाख लोग शहरी क्षेत्रों में रहते हैं। पिछले डेढ़ दशक में शहरी क्षेत्र का विस्तार और घनी आबादी वाले इलाकों में बढ़ोतरी हुई है जिससे पुराने ड्रेनेज नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है।
बारिश में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं ये इलाके
शहर में मानसून के दौरान सेक्टर-21ए, अल्सॉन चौक, सेक्टर-55, एनएच क्षेत्र के आसपास और कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। तेज बारिश के बाद कई जगहों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। वर्तमान व्यवस्था में कई स्थानों पर पानी निकालने के लिए पंपिंग स्टेशनों और डिस्पोजल सिस्टम पर निर्भरता है। लेकिन अधिक बारिश के समय पानी की मात्रा बढ़ने पर सीमित क्षमता के कारण निकासी में समय लगता है। एफएमडीए की नई योजना इसी क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है।
विज्ञापन
प्रतापगढ़ से गुड़गांव नहर तक बिछेगी नई पाइपलाइन
परियोजना का सबसे अहम हिस्सा प्रतापगढ़ स्थित मुख्य पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) का अपग्रेडेशन है। यहां नया उच्च क्षमता वाला मोटर पंप सेट लगाया जाएगा। इसके अलावा प्रतापगढ़ पंपिंग स्टेशन से गुड़गांव नहर तक नई डिलीवरी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बारिश के पानी को तेजी से शहर से बाहर निकालना है। नई पाइपलाइन बनने के बाद पंपिंग स्टेशन की क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने में लगने वाला समय कम हो सकता है। इसके अलावा परियोजना के तहत पुरानी मशीनरी को बदला जाएगा। नई डिलीवरी लाइन, नॉन रिटर्न वाल्व (एनआरवी) और स्लूज वाल्व लगाए जाएंगे। इससे पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने और बैक फ्लो जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
एफएमडीए संभाल रहा है शहर के बड़े बुनियादी ढांचे की जिम्मेदारी
फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण का गठन शहर के बड़े बुनियादी ढांचा विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से किया गया था। जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और अन्य शहरी सुविधाओं से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट एफएमडीए के दायरे में हैं।
मास्टर ड्रेनेज योजना के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में जल निकासी नेटवर्क को मजबूत करने की प्रक्रिया चल रही है। इसका उद्देश्य केवल बारिश के समय पानी निकालना नहीं, बल्कि शहर के लिए एक बेहतर और वैज्ञानिक जल प्रबंधन प्रणाली तैयार करना है।
परियोजना की समय सीमा सात महीने पांच दिन
एफएमडीए की ओर से जारी योजना के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत 3 करोड़ 79 लाख 56 हजार रुपये है। एजेंसी को कार्य शुरू होने की तारीख से सात महीने पांच दिन के भीतर काम पूरा करना होगा। शहरवासियों की नजर अब इस परियोजना के धरातल पर उतरने और अगले मानसून से पहले इसकी स्थिति पर रहेगी। यदि योजना समय पर पूरी होती है तो जलभराव वाले प्रमुख क्षेत्रों में बारिश के दौरान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कई स्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस कार्य को भी पूरा कर लिया जाएगा। इसमें जलभराव वाले प्रमुख स्थानों की समस्या के समाधान के लिए साथ इलाकों को भी लाभ मिलेगा। ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए
विज्ञापन
प्रतापगढ़ पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी, नई पाइपलाइन से बारिश के पानी की निकासी होगी तेज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हर साल मानसून में जलभराव से जूझने वाले फरीदाबाद शहर के प्रमुख इलाकों को राहत दिलाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। एफएमडीए ने 3.79 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर ड्रेनेज योजना के तहत मशीनरी अपग्रेडेशन और नई डिलीवरी लाइन बिछाने की परियोजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत सेक्टर-21ए, 55, अल्सॉन चौक, प्रतापगढ़ और सेक्टर-23/24 क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।
फरीदाबाद में तेजी से हुए शहरी विस्तार के कारण बारिश के पानी की निकासी बड़ी चुनौती बन गई है। जिले की आबादी लगातार बढ़ने के साथ ही नए सेक्टर, रिहायशी कॉलोनियां और औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुए हैं। फरीदाबाद जिले की आबादी करीब 22 लाख है जिसमें लगभग 16.38 लाख लोग शहरी क्षेत्रों में रहते हैं। पिछले डेढ़ दशक में शहरी क्षेत्र का विस्तार और घनी आबादी वाले इलाकों में बढ़ोतरी हुई है जिससे पुराने ड्रेनेज नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है।
विज्ञापन
बारिश में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं ये इलाके
शहर में मानसून के दौरान सेक्टर-21ए, अल्सॉन चौक, सेक्टर-55, एनएच क्षेत्र के आसपास और कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। तेज बारिश के बाद कई जगहों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होता है और लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। वर्तमान व्यवस्था में कई स्थानों पर पानी निकालने के लिए पंपिंग स्टेशनों और डिस्पोजल सिस्टम पर निर्भरता है। लेकिन अधिक बारिश के समय पानी की मात्रा बढ़ने पर सीमित क्षमता के कारण निकासी में समय लगता है। एफएमडीए की नई योजना इसी क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है।
विज्ञापन
प्रतापगढ़ से गुड़गांव नहर तक बिछेगी नई पाइपलाइन
परियोजना का सबसे अहम हिस्सा प्रतापगढ़ स्थित मुख्य पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) का अपग्रेडेशन है। यहां नया उच्च क्षमता वाला मोटर पंप सेट लगाया जाएगा। इसके अलावा प्रतापगढ़ पंपिंग स्टेशन से गुड़गांव नहर तक नई डिलीवरी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बारिश के पानी को तेजी से शहर से बाहर निकालना है। नई पाइपलाइन बनने के बाद पंपिंग स्टेशन की क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने में लगने वाला समय कम हो सकता है। इसके अलावा परियोजना के तहत पुरानी मशीनरी को बदला जाएगा। नई डिलीवरी लाइन, नॉन रिटर्न वाल्व (एनआरवी) और स्लूज वाल्व लगाए जाएंगे। इससे पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने और बैक फ्लो जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
एफएमडीए संभाल रहा है शहर के बड़े बुनियादी ढांचे की जिम्मेदारी
फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण का गठन शहर के बड़े बुनियादी ढांचा विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से किया गया था। जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और अन्य शहरी सुविधाओं से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट एफएमडीए के दायरे में हैं।
मास्टर ड्रेनेज योजना के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में जल निकासी नेटवर्क को मजबूत करने की प्रक्रिया चल रही है। इसका उद्देश्य केवल बारिश के समय पानी निकालना नहीं, बल्कि शहर के लिए एक बेहतर और वैज्ञानिक जल प्रबंधन प्रणाली तैयार करना है।
परियोजना की समय सीमा सात महीने पांच दिन
एफएमडीए की ओर से जारी योजना के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत 3 करोड़ 79 लाख 56 हजार रुपये है। एजेंसी को कार्य शुरू होने की तारीख से सात महीने पांच दिन के भीतर काम पूरा करना होगा। शहरवासियों की नजर अब इस परियोजना के धरातल पर उतरने और अगले मानसून से पहले इसकी स्थिति पर रहेगी। यदि योजना समय पर पूरी होती है तो जलभराव वाले प्रमुख क्षेत्रों में बारिश के दौरान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कई स्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस कार्य को भी पूरा कर लिया जाएगा। इसमें जलभराव वाले प्रमुख स्थानों की समस्या के समाधान के लिए साथ इलाकों को भी लाभ मिलेगा। ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए