कातिल मां: डेढ साल की बेटी को जिंदा नाले में फेंका, ममता पर बोझ बन गई थी छठी लड़की; घर पर रहता है पति
वारदात का खुलासा 23 अप्रैल को हुआ, जब धीरज नगर और टीटू कॉलोनी के पास स्थित बुढ़िया नाले से गुजर रहे दो स्कूली बच्चों ने लोहे के जाल में एक बच्ची का शव फंसा देखा। सूचना मिलते ही पल्ला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
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हरियाणा के औद्योगिक नगरी के पल्ला क्षेत्र में एक मां ने अपनी ही डेढ़ साल की मासूम बच्ची को जिंदा नाले में फेंक कर उसकी हत्या कर दी। गंदे पानी में डूबने से मासूम की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। क्राइम ब्रांच डीएलएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर 26 अप्रैल को आरोपी महिला को काबू कर लिया है।
स्कूल के बच्चों ने देखी थी बच्ची की लाश
वारदात का खुलासा 23 अप्रैल को हुआ, जब धीरज नगर और टीटू कॉलोनी के पास स्थित बुढ़िया नाले से गुजर रहे दो स्कूली बच्चों ने लोहे के जाल में एक बच्ची का शव फंसा देखा। सूचना मिलते ही पल्ला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 25 अप्रैल को हत्या और साक्ष्य छुपाने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी में दिखी हत्यारन
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के तमाम सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। एक फुटेज में 23 अप्रैल की सुबह करीब नौ बजे एक महिला बच्ची को गोद में उठाकर नाले की तरफ ले जाती दिखी, लेकिन वापसी में वह अकेली लौट रही थी। पुलिस ने हुलिए के आधार पर महिला की पहचान नीलम निवासी धीरज नगर के रूप में की और उसे हिरासत में ले लिया।
छठी बेटी थी मृतक
पूछताछ में आरोपी नीलम ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। मूल रूप से बिहार के मधुबनी की रहने वाली नीलम ने बताया कि उसके पास पहले से ही पांच बेटियां हैं और यह उसकी छठी संतान थी। पति के दिव्यांग होने और घर की भारी आर्थिक तंगी के कारण वह पालन-पोषण में असमर्थ थी। इसी हताशा और बोझ के चलते उसने अपनी सबसे छोटी बेटी को जिंदा नाले में फेंक दिया और चुपचाप घर लौट आई।

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