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Faridabad News: 46 वार्डों में स्वच्छता की रेस शुरू, दो हफ्ते चलेगा महाअभियान
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रैंकिंग से तय होगा सम्मान, बेहतर प्रदर्शन पर मिलेगा आर्थिक प्रोत्साहन
पिछले साल निगम को मिला था 34वां स्थान, इस बार और सुधार की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर निगम का बहुप्रतीक्षित स्वच्छता महाअभियान शुक्रवार से जमीन पर उतर गया। एक मई से शुरू हुए इस दो सप्ताह के अभियान में फरीदाबाद के सभी 46 वार्डों को शामिल किया गया है जहां अब सफाई को लेकर प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया जा रहा है। पिछले साल नगर निगम को 34वां स्थान मिला था इस बार निगम और अच्छी रैंकिंग लाने के लिए हर स्तर पर तेजी से काम कर रहा है।
अभियान के पहले दिन से ही वार्ड स्तर पर सफाई व्यवस्था की निगरानी शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि इस बार केवल औपचारिकता नहीं बल्कि ठोस परिणामों के आधार पर वार्डों की रैंकिंग तय होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मान के साथ आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जाएगा जिससे फील्ड स्तर पर जिम्मेदारी तय हो सके।
माइक्रो प्लान के तहत हर वार्ड में रोजाना सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग की जा रही है। कूड़ा उठान की नियमितता, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, खुले में कचरा फेंकने की घटनाएं और नागरिक शिकायतों के निस्तारण जैसे मानकों पर अंक दिए जा रहे हैं। इन मानकों के आधार पर ही वार्डों की रैंकिंग तैयार होगी। इससे कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर प्रदर्शन की होड़ तेज होने की संभावना है।
निगरानी के लिए विशेष टीमें, लापरवाही पर कार्रवाई
निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने जोन स्तर पर विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें रोजाना निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ती आबादी के बीच कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती
तेजी से बढ़ती आबादी के बीच शहर में कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई इलाकों में अनियमित कूड़ा उठान, खाली प्लॉटों में कचरे के ढेर और सड़कों पर गंदगी की समस्या लगातार सामने आती रही है। ऐसे में यह महाअभियान न केवल सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश है, बल्कि अलग-अलग वार्डों में बेहतर मॉडल विकसित करने की पहल भी माना जा रहा है।
आर्थिक प्रोत्साहन से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
नगर निगम के इस कदम से आम लोगों को सीधे तौर पर राहत मिलने की उम्मीद है। नियमित सफाई से जहां बीमारियों का खतरा कम होगा, वहीं कॉलोनियों का वातावरण भी बेहतर होगा। आर्थिक प्रोत्साहन और रैंकिंग की व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ने के साथ नागरिकों में भी साफ-सफाई को लेकर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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पिछले साल निगम को मिला था 34वां स्थान, इस बार और सुधार की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर निगम का बहुप्रतीक्षित स्वच्छता महाअभियान शुक्रवार से जमीन पर उतर गया। एक मई से शुरू हुए इस दो सप्ताह के अभियान में फरीदाबाद के सभी 46 वार्डों को शामिल किया गया है जहां अब सफाई को लेकर प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया जा रहा है। पिछले साल नगर निगम को 34वां स्थान मिला था इस बार निगम और अच्छी रैंकिंग लाने के लिए हर स्तर पर तेजी से काम कर रहा है।
अभियान के पहले दिन से ही वार्ड स्तर पर सफाई व्यवस्था की निगरानी शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि इस बार केवल औपचारिकता नहीं बल्कि ठोस परिणामों के आधार पर वार्डों की रैंकिंग तय होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मान के साथ आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जाएगा जिससे फील्ड स्तर पर जिम्मेदारी तय हो सके।
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माइक्रो प्लान के तहत हर वार्ड में रोजाना सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग की जा रही है। कूड़ा उठान की नियमितता, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, खुले में कचरा फेंकने की घटनाएं और नागरिक शिकायतों के निस्तारण जैसे मानकों पर अंक दिए जा रहे हैं। इन मानकों के आधार पर ही वार्डों की रैंकिंग तैयार होगी। इससे कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर प्रदर्शन की होड़ तेज होने की संभावना है।
निगरानी के लिए विशेष टीमें, लापरवाही पर कार्रवाई
निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने जोन स्तर पर विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें रोजाना निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ती आबादी के बीच कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती
तेजी से बढ़ती आबादी के बीच शहर में कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई इलाकों में अनियमित कूड़ा उठान, खाली प्लॉटों में कचरे के ढेर और सड़कों पर गंदगी की समस्या लगातार सामने आती रही है। ऐसे में यह महाअभियान न केवल सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश है, बल्कि अलग-अलग वार्डों में बेहतर मॉडल विकसित करने की पहल भी माना जा रहा है।
आर्थिक प्रोत्साहन से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
नगर निगम के इस कदम से आम लोगों को सीधे तौर पर राहत मिलने की उम्मीद है। नियमित सफाई से जहां बीमारियों का खतरा कम होगा, वहीं कॉलोनियों का वातावरण भी बेहतर होगा। आर्थिक प्रोत्साहन और रैंकिंग की व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ने के साथ नागरिकों में भी साफ-सफाई को लेकर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।