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Faridabad News: अस्पताल में आएं ...पानी साथ लाएं
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बीके अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर लगी मशीन में नहीं रहता है पानी
मरीजों और तीमारदारों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर लगी मशीन में पानी नहीं होने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि मशीन में ज्यादातर समय पानी नहीं होता, जिससे उन्हें मजबूरी में बाहर से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है।
आपातकालीन विभाग में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को अक्सर दवा लेने, घाव धोने या साथ आए परिजनों को पानी की जरूरत होती है, लेकिन मशीन के खाली रहने से हालात और मुश्किल हो जाते हैं।
रविवार को आपातकालीन विभाग में पहुंचे एक मरीज के तीमारदार मोहन ने बताया कि उनके बेटे को बाइक से गिरने की वजह से चोट लग गई थी, जिसके बाद वह प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल आए। उन्होंने बताया कि आपातकालीन विभाग के बाहर लगी पानी की मशीन में पानी ही नहीं था, जिसकी वजह से उन्हें बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर घाव धुलना पड़ा।
इस संबंध में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने बताया कि कई बार आपातकालीन मरीजों के घाव धोने के लिए इसी मशीन के पानी का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई मरीज जरूरत से कहीं ज्यादा पानी इस्तेमाल करते हैं जिसकी वजह से पानी खत्म हो जाता है। हालांकि कुछ ही देर में मशीन में पानी भर भी जाता है। उन्होंने बताया कि मशीन पानी को फिल्टर करती है, जिसकी वजह से पानी भरने में समय लगता है।
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मरीजों और तीमारदारों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर लगी मशीन में पानी नहीं होने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि मशीन में ज्यादातर समय पानी नहीं होता, जिससे उन्हें मजबूरी में बाहर से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है।
आपातकालीन विभाग में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को अक्सर दवा लेने, घाव धोने या साथ आए परिजनों को पानी की जरूरत होती है, लेकिन मशीन के खाली रहने से हालात और मुश्किल हो जाते हैं।
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रविवार को आपातकालीन विभाग में पहुंचे एक मरीज के तीमारदार मोहन ने बताया कि उनके बेटे को बाइक से गिरने की वजह से चोट लग गई थी, जिसके बाद वह प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल आए। उन्होंने बताया कि आपातकालीन विभाग के बाहर लगी पानी की मशीन में पानी ही नहीं था, जिसकी वजह से उन्हें बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर घाव धुलना पड़ा।
इस संबंध में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने बताया कि कई बार आपातकालीन मरीजों के घाव धोने के लिए इसी मशीन के पानी का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई मरीज जरूरत से कहीं ज्यादा पानी इस्तेमाल करते हैं जिसकी वजह से पानी खत्म हो जाता है। हालांकि कुछ ही देर में मशीन में पानी भर भी जाता है। उन्होंने बताया कि मशीन पानी को फिल्टर करती है, जिसकी वजह से पानी भरने में समय लगता है।