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Faridabad News: नेहरू कॉलोनी से मलबा हटाने का काम तेज, रास्ते खुलने से लोगों को राहत
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फरीदाबाद नेहरू कॉलोनी में मलबा उठाते नगर निगम कर्मचारी । संवाद
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क्षेत्र में अभी भी धारा-163 लागू, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कहीं भी भीड़ जमा होती दिखाई नहीं दे रही
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। कार्रवाई के दौरान बंद किए गए अधिकांश मार्ग अब खोल दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को राहत मिली है। क्षेत्र में अभी भी धारा 163 लागू है और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कहीं भी भीड़ जमा होती दिखाई नहीं दे रही है।
नगर निगम की टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हुई हैं। छह जेसीबी मशीनों और डंपरों की सहायता से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मलबा हटाया जा चुका है और शेष हिस्सों को भी जल्द साफ करने का प्रयास किया जा रहा है।
सड़क किनारे रह रहे बेघरों के ऊपर मंडरा रहा बारिश का खतरा
तोड़फोड़ से प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी चिंता अब मौसम को लेकर है। जिन लोगों के मकान टूट गए हैं, उनमें से कई परिवार सड़क किनारे टेंट और अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना जताए जाने के बाद इन परिवारों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित लोगों का कहना है कि बारिश होने पर उनके सामने रहने, सामान बचाने और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। वहीं, प्रभावित परिवार मुआवजे और पुनर्वास की मांग पर भी अड़े हुए हैं।
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नेहरू कॉलोनी के लोग अपनी मांगों को लेकर सोमवार को दोबारा लघु सचिवालय पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस अवसर पर कई लोग मौजूद रहे।
घर टूट गया, परिवार तंबू में है। जल्द मुआवजा और रहने की व्यवस्था होनी चाहिए।-रामकिशन
बारिश आई तो बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।-सीमा देवी
रास्ते खुल गए हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।-रफीक अहमद
प्रशासन पुनर्वास और उचित मुआवजा दे ताकि जीवन फिर से पटरी पर आए।-सुनीता देवी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। कार्रवाई के दौरान बंद किए गए अधिकांश मार्ग अब खोल दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को राहत मिली है। क्षेत्र में अभी भी धारा 163 लागू है और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कहीं भी भीड़ जमा होती दिखाई नहीं दे रही है।
नगर निगम की टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हुई हैं। छह जेसीबी मशीनों और डंपरों की सहायता से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मलबा हटाया जा चुका है और शेष हिस्सों को भी जल्द साफ करने का प्रयास किया जा रहा है।
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सड़क किनारे रह रहे बेघरों के ऊपर मंडरा रहा बारिश का खतरा
तोड़फोड़ से प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी चिंता अब मौसम को लेकर है। जिन लोगों के मकान टूट गए हैं, उनमें से कई परिवार सड़क किनारे टेंट और अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना जताए जाने के बाद इन परिवारों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित लोगों का कहना है कि बारिश होने पर उनके सामने रहने, सामान बचाने और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। वहीं, प्रभावित परिवार मुआवजे और पुनर्वास की मांग पर भी अड़े हुए हैं।
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घर टूट गया, परिवार तंबू में है। जल्द मुआवजा और रहने की व्यवस्था होनी चाहिए।-रामकिशन
बारिश आई तो बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।-सीमा देवी
रास्ते खुल गए हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।-रफीक अहमद
प्रशासन पुनर्वास और उचित मुआवजा दे ताकि जीवन फिर से पटरी पर आए।-सुनीता देवी