'ATM हाइस्ट' का 'प्रोफेसर' निकला सिपाही: खुद चुनता था जगह-समय, ऐसे बनाई टीम, यूट्यूब वीडियो भेजकर दी ट्रेनिंग
पुलिस ने एटीएम काटकर 12,24,300 रुपये लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मास्टरमाइंड दिल्ली पुलिस का सिपाही हुकमचंद निकला। उसने कर्ज चुकाने के लिए गैस कटर चलाने वालों के साथ मिलकर गैंग बनाया।
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चर्चित वेब सीरीज ‘मनी हाइस्ट’ में जिस तरह ‘द प्रोफेसर’ नाम का मास्टरमाइंड अपनी टीम के साथ बड़ी डकैतियों को अंजाम देता था, ठीक उससे ही मिलता-जुलता एक मामला हरियाणा के फरीदाबाद जिले से सामने आया है। यहां पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-56 ने गैस कटर की मदद से एटीएम मशीनों को काटकर लाखों रुपये की नकदी उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दिल्ली पुलिस के एक सिपाही सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी बिहार की जेल में बंद है। इस गिरोह ने भूपानी और सेक्टर-58 थाना क्षेत्र में दो एटीएम मशीनों को निशाना बनाकर कुल 12,24,300 रुपये चोरी किए थे।
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) अमन यादव ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली पुलिस का सिपाही निकला, जिसने वेल्डिंग का काम करने वाले युवकों को लालच देकर इस वारदात की पूरी पटकथा लिखी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नकदी बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
कर्ज में डूबे दिल्ली पुलिस के सिपाही ने रची साजिश
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इस गैंग का मास्टरमाइंड दिल्ली पुलिस का सिपाही हुकमचंद (34 वर्ष, निवासी गांव अटाली, फरीदाबाद) है। हुकमचंद वर्ष 2016 से दिल्ली पुलिस में कार्यरत है और वर्तमान में साउथ-वेस्ट जिले के बिजवासन में पीसीआर पर तैनात था। सिपाही पर काफी कर्ज हो चुका था, जिसे चुकाने के लिए उसने अपने भतीजे अरविंद (26) के साथ मिलकर एटीएम लूटने की योजना बनाई।
गैस वेल्डिंग करते देख आरोपियों को गैंग में किया शामिल
सिपाही हुकमचंद को अपराध के लिए ऐसे लोगों की तलाश थी जो गैस कटर चलाने में माहिर हों। मच्छगढ़ स्थित एक दुकान पर उसने बिहार निवासी विकास और राजू को गैस वेल्डिंग का काम करते देखा। सिपाही ने उनसे संपर्क किया और लालच देते हुए कहा कि इस काम को छोड़ो, दूसरे काम में ज्यादा कमाई है। इसके बाद सिपाही ने दोनों को गैंग में शामिल कर लिया।
यूट्यूब वीडियो भेजकर दी ट्रेनिंग, सिखाया कैसे काटना है एटीएम
मास्टरमाइंड सिपाही ने बाकायदा गैंग को ट्रेन किया और मार्गदर्शन दिया। उसने आरोपियों को यूट्यूब वीडियो शेयर किए, जिनमें सिखाया गया था कि शटर कैसे काटा जाता है और एटीएम मशीन को गैस कटर से काटते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उसने विशेष रूप से समझाया कि मशीन को इस तरह काटा जाए कि कैश वाला लॉकर सुरक्षित रहे और उसमें रखे नोट जलने न पाएं।
सिपाही खुद चुनता था लोकेशन और समय
वारदात के लिए किस एटीएम को चुनना है, किस दिन और किस वक्त घटना को अंजाम देना है, यह सब सिपाही हुकमचंद ही तय करता था। वह गूगल लोकेशन शेयर करके आरोपियों को भेजता था। वारदात के समय संबंधित एटीएम बूथों पर कोई सुरक्षाकर्मी (गार्ड) तैनात नहीं था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने आसानी से वारदात को अंजाम दिया। वारदात के समय सिपाही खुद मौके पर मौजूद नहीं रहता था।
भूपानी मोड़ पर 6.53 लाख की पहली वारदात
योजना के अनुसार, 3/4 जुलाई की रात भूपानी मोड़ स्थित एटीएम को विकास और राजू ने गैस कटर से काटकर 6,53,300 रुपये उड़ा लिए। सिपाही ने ही उन्हें गैस कटर और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराया था। इस मामले में पुलिस ने विकास, सिपाही हुकमचंद और उसके भतीजे अरविंद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सह-आरोपी राजू मोटरसाइकिल चोरी के मामले में बिहार जेल में बंद है, जिसे जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा।
सफलता के बाद बिहार से बुलाए भाई, सिपाही को बिना बताए की दूसरी लूट
पहली वारदात के बाद सह-आरोपी राजू बिहार में जेल चला गया, जिसके बाद मुख्य आरोपी विकास ने सिपाही हुकमचंद से संपर्क तोड़ लिया। पहली सफलता से उत्साहित विकास ने अपने गांव (सिसई, सिवान, बिहार) से अपने सगे भाई विशाल (19) और चचेरे भाई अभिषेक (19) को बुलाया।
26/27 जुलाई की रात तीनों ने बिना सिपाही को बताए सेक्टर-58 में जेसीबी चौक के पास स्थित एटीएम को काटकर 5.71 लाख रुपये उड़ा लिए थे। अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो अगस्त को लखनऊ के आलमबाग से विकास, विशाल और अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
दोनों वारदातों में भरोसे के लिए रिश्तेदारों को बनाया साझेदार
इस गिरोह की एक खास बात यह भी सामने आई कि दोनों ही वारदातों में साजिशकर्ताओं ने बाहरी लोगों के बजाय अपने परिवार के सदस्यों पर भरोसा जताया। पहली वारदात में सिपाही हुकमचंद ने अपने सगे भतीजे अरविंद (26) को शामिल किया। वहीं, पहली सफलता से उत्साहित होकर जब विकास ने दूसरी लूट की योजना बनाई, तो उसने भी अपने ही परिवार के सदस्यों को बुलाया।
विकास ने अपने गांव (सिसई, सिवान, बिहार) से अपने सगे भाई विशाल (19) और चचेरे भाई अभिषेक (19) को फरीदाबाद बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।