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Faridabad News: आर्थिक तंगी के बावजूद विद्यार्थियों ने पाई सफलता
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अपनी सफलता से न केवल स्कूल, बल्कि परिवार का भी नाम रोशन किया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा में जिले के राजकीय विद्यालयों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के आगे हालात मायने नहीं रखते। कमजोर आर्थिक स्थिति में पले-बढ़े इन विद्यार्थियों ने अपनी सफलता से न केवल अपने स्कूल, बल्कि परिवार का भी नाम रोशन किया है।
इनमें से किसी छात्र के पिता पेंटर हैं तो किसी के मैकेनिक, लेकिन घर की तंगी को उन्होंने कभी अपनी पढ़ाई के रास्ते में रुकावट नहीं बनने दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद इन छात्रों ने लगातार मेहनत की और बेहतर परिणाम हासिल किए। शिक्षकों का कहना है कि इन बच्चों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अनुशासन और लगन से पढ़ाई की।
सेल्फ स्टडी के दम के अल्फिया ने हासिल किए 95.8 प्रतिशत अंक
सेक्टर-16 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाली अल्फिया ने सेल्फ स्टडी के दम पर बोर्ड परीक्षा में 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने स्कूल में टॉप किया है। अल्फिया के पिता मैनुद्दीन अली पेशे से पेंटर हैं। उन्होंने बताया कि अल्फिया बचपन से ही पढ़ाई में तेज है और निरंतरता के साथ अध्ययन करती हैं।
घरों में काम करने वाली महिला की बेटी ने पाए 90 प्रतिशत अंक
एनआईटी पांच स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाली आंचल ने बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक पाकर अपने स्कूल और परिवार का नाम रोशन किया है। आंचल के पिता नहीं हैं। उनकी मां ने घरों में काम करके आंचल को पढ़ाया। आंचल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों को दिया।
मैकेनिक के बेटे ने प्राप्त किए 91 प्रतिशत अंक
सेक्टर 16 स्कूल में पढ़ने वाले मोंटी ने कड़ी मेहनत के दम पर बोर्ड परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। मोंटी के पिता मोहन पेशे से मैकेनिक हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का चयन सुपर-100 परीक्षा में हुआ था, लेकिन इकलौता बेटा होने के कारण उसे घर से दूर नहीं भेजा।
तैयाबा ने बोर्ड परीक्षा में आए 90 प्रतिशत अंक
पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनआईटी दो में पढ़ने वाली तैयाबा के पिता कंपनी में लेबर का काम करते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। इसके बावजूद तैयाबा ने इसे काफी आड़े नहीं आने दिया। तैयाबा ने इस परिणाम का श्रेय अपने विद्यालय के शिक्षकोंं को दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा में जिले के राजकीय विद्यालयों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के आगे हालात मायने नहीं रखते। कमजोर आर्थिक स्थिति में पले-बढ़े इन विद्यार्थियों ने अपनी सफलता से न केवल अपने स्कूल, बल्कि परिवार का भी नाम रोशन किया है।
इनमें से किसी छात्र के पिता पेंटर हैं तो किसी के मैकेनिक, लेकिन घर की तंगी को उन्होंने कभी अपनी पढ़ाई के रास्ते में रुकावट नहीं बनने दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद इन छात्रों ने लगातार मेहनत की और बेहतर परिणाम हासिल किए। शिक्षकों का कहना है कि इन बच्चों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अनुशासन और लगन से पढ़ाई की।
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सेल्फ स्टडी के दम के अल्फिया ने हासिल किए 95.8 प्रतिशत अंक
सेक्टर-16 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाली अल्फिया ने सेल्फ स्टडी के दम पर बोर्ड परीक्षा में 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने स्कूल में टॉप किया है। अल्फिया के पिता मैनुद्दीन अली पेशे से पेंटर हैं। उन्होंने बताया कि अल्फिया बचपन से ही पढ़ाई में तेज है और निरंतरता के साथ अध्ययन करती हैं।
घरों में काम करने वाली महिला की बेटी ने पाए 90 प्रतिशत अंक
एनआईटी पांच स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाली आंचल ने बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक पाकर अपने स्कूल और परिवार का नाम रोशन किया है। आंचल के पिता नहीं हैं। उनकी मां ने घरों में काम करके आंचल को पढ़ाया। आंचल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों को दिया।
मैकेनिक के बेटे ने प्राप्त किए 91 प्रतिशत अंक
सेक्टर 16 स्कूल में पढ़ने वाले मोंटी ने कड़ी मेहनत के दम पर बोर्ड परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। मोंटी के पिता मोहन पेशे से मैकेनिक हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का चयन सुपर-100 परीक्षा में हुआ था, लेकिन इकलौता बेटा होने के कारण उसे घर से दूर नहीं भेजा।
तैयाबा ने बोर्ड परीक्षा में आए 90 प्रतिशत अंक
पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनआईटी दो में पढ़ने वाली तैयाबा के पिता कंपनी में लेबर का काम करते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। इसके बावजूद तैयाबा ने इसे काफी आड़े नहीं आने दिया। तैयाबा ने इस परिणाम का श्रेय अपने विद्यालय के शिक्षकोंं को दिया।