सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut Assembly Seats SP Intensifies Strategy, Akhilesh Yadav to Announce Candidates Based on Survey

UP: अगस्त में खुलेगा अखिलेश यादव का मेरठ कार्ड, सर्वे बनेगा टिकट का आधार; एक-दो सीट पर हो सकते हैं नए चेहरे

अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Sharukh Khan Updated Fri, 15 May 2026 11:11 AM IST
विज्ञापन
सार

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर मंथन शुरू हो गया है। मेरठ की सातों विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी के अंदर मंथन चल रहा है। अगस्त में अखिलेश का मेरठ कार्ड खुलेगा। पार्टी अधिकांश सीटें पुराने दिग्गजों के भरोसे है। एक-दो नए चेहरे भी मैदान में हो सकते हैं।

Meerut Assembly Seats SP Intensifies Strategy, Akhilesh Yadav to Announce Candidates Based on Survey
Meerut Assembly - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

उत्तर प्रदेश की सियासत में क्रांतिधरा मेरठ हमेशा से सत्ता की चाबी माना जाता रहा है। आगामी चुनाव देखते हुए समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीतिक तैयारी तेज कर दी है। सपा के राजनीतिक गलियारों से जो बातें छनकर आ रही हैं उनमें यह है कि अगस्त के महीने में अखिलेश यादव अपना मेरठ कार्ड खोल सकते हैं ताकि प्रत्याशियों को मतदाताओं के बीच अपनी पैठ जमाने का समय मिल सके।
Trending Videos


साथ ही टिकट को लेकर आपसी खींचतान भी खत्म हो जाए और प्रत्याशी मजबूती से चुनाव लड़ सकें। अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। जनवरी-फरवरी में आचार संहिता लग सकती है। जिले की सातों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी के भीतर सुगबुगाहट चरम पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

संभावित दावेदारों की सूची लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंच चुकी है। इस बार समाजवादी पार्टी ने टिकट वितरण की प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि टिकट के लिए आंतरिक सर्वे कराया जा रहा है कि कौन किस पार्टी से जीत सकता है या सबसे मजबूती से चुनाव लड़ सकता है। यही टिकट वितरण का मुख्य आधार बनाया जाएगा।

पुराने चेहरे या नया प्रयोग
मेरठ की सातों सीटों (मेरठ शहर, मेरठ दक्षिण, मेरठ कैंट, किठौर, हस्तिनापुर, सरधना और सिवालखास) पर सपा के भीतर इस बार जबरदस्त होड़ है। पार्टी के वो पुराने दिग्गज जो पिछले कई चुनावों से सक्रिय हैं, अपनी निष्ठा और अनुभव की दुहाई दे रहे हैं। 

 

तीन सीटों पर पुराने दिग्गजों का दावा सबसे मजबूत है। मेरठ दक्षिण को लेकर असमंजस है। यहां से पिछली बार आदिल चौधरी मजबूती से चुनाव लड़े थे। हालांकि वह भाजपा के सोमेंद्र तोमर से हार गए थे।
 

हस्तिनापुर, सिवालखास और कैंट पर टिकीं सबकी नजरें
मेरठ की हस्तिनापुर, सिवालखास और कैंट सीट पर टिकट की दावेदारी दिलचस्प है। हस्तिनापुर सीट पर पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, सपा के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ीं दीपू मनोठिया और प्रशांत गौतम के मजबूती से दावेदारी ठोक रहे हैं। 

 

सिवालखास पर सम्राट मलिक, गौरव चौधरी, नदीम चौहान और वसीम राजा का दावा है। इस सीट पर पहले सपा-रालोद गठबंधन से गुलाम मोहम्मद लड़े थे और जीते थे। इस बार रालोद का भाजपा से गठबंधन है। कैंट सीट पर दावेदारी ज्यादा नहीं है। कहा जा रहा है कि सपा का कांग्रेस से गठबंधन होगा, यह सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी।
 

मेरठ से निकलेगा जीत का रास्ता
अखिलेश यादव जानते हैं कि अगर मेरठ की सातों सीटों पर सही समीकरण साध लिए गए तो इसका असर पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति पर पड़ेगा। यही कारण है कि टिकट वितरण में जल्दबाजी के बजाय फूंक-फूंक कर कदम रखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि जुलाई की इस सियासी तपिश में किसका टिकट कटता है और किसके सिर पर अखिलेश यादव अपना भरोसा जताते हुए चुनावी मैदान में उतारते हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed