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Faridabad News: आपातकालीन विभाग में हृदय रोगी की मौत पर विवाद, लापरवाही कर आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में हृदय संबंधी समस्या से पीड़ित एक व्यक्ति की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। मृतक के मकान मालिक और पड़ोसियों ने दावा किया है कि समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाती तो उसकी जान बच सकती थी, जबकि अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
जानकारी के अनुसार, बिहार के गोपालगंज निवासी फैज अहमद सेक्टर-23 संजय कॉलोनी में अकेले रहते थे और एक कारखाने में कार्यरत थे। सोमवार सुबह वह घर पर कपड़े धो रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े। घटना के बाद उनके मकान मालिक तौफीक और आसपास के लोग उन्हें तत्काल नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लेकर पहुंचे।
मकान मालिक तौफीक का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर फैज अहमद को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, लेकिन उन्हें तत्काल ऑक्सीजन नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मरीज को तीसरी मंजिल पर स्थित हार्ट सेंटर ले जाने की सलाह दी। परिजन और पड़ोसी मरीज को लेकर लिफ्ट तक पहुंचे, लेकिन उस समय लिफ्ट बंद थी। इसके बाद वे रैंप के सहारे तीसरी मंजिल तक पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पड़ोसियों का कहना है कि यदि आपातकालीन विभाग में ही प्राथमिक उपचार के तौर पर ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी जाती, तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
वहीं, अस्पताल की ओर से डॉ. जयंत आहूजा ने स्पष्ट किया कि जब मरीज को अस्पताल लाया गया, उससे पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि अस्पताल स्टाफ ने नियमानुसार कार्य किया और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
घटना के बाद मामले को लेकर जांच की मांग उठ रही है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और अगर कहीं कोई चूक हुई है तो उसके लिए जिम्मेदारी तय की जा सके।
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फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में हृदय संबंधी समस्या से पीड़ित एक व्यक्ति की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। मृतक के मकान मालिक और पड़ोसियों ने दावा किया है कि समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाती तो उसकी जान बच सकती थी, जबकि अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
जानकारी के अनुसार, बिहार के गोपालगंज निवासी फैज अहमद सेक्टर-23 संजय कॉलोनी में अकेले रहते थे और एक कारखाने में कार्यरत थे। सोमवार सुबह वह घर पर कपड़े धो रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े। घटना के बाद उनके मकान मालिक तौफीक और आसपास के लोग उन्हें तत्काल नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लेकर पहुंचे।
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मकान मालिक तौफीक का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर फैज अहमद को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, लेकिन उन्हें तत्काल ऑक्सीजन नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मरीज को तीसरी मंजिल पर स्थित हार्ट सेंटर ले जाने की सलाह दी। परिजन और पड़ोसी मरीज को लेकर लिफ्ट तक पहुंचे, लेकिन उस समय लिफ्ट बंद थी। इसके बाद वे रैंप के सहारे तीसरी मंजिल तक पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पड़ोसियों का कहना है कि यदि आपातकालीन विभाग में ही प्राथमिक उपचार के तौर पर ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी जाती, तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
वहीं, अस्पताल की ओर से डॉ. जयंत आहूजा ने स्पष्ट किया कि जब मरीज को अस्पताल लाया गया, उससे पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि अस्पताल स्टाफ ने नियमानुसार कार्य किया और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
घटना के बाद मामले को लेकर जांच की मांग उठ रही है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और अगर कहीं कोई चूक हुई है तो उसके लिए जिम्मेदारी तय की जा सके।