{"_id":"69d41a2c9cee0912c00bccc1","slug":"entrepreneurs-in-sarurpur-industrial-area-are-troubled-by-the-poor-condition-of-roads-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-66828-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में बदहाल सड़कों से परेशान उद्यमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में बदहाल सड़कों से परेशान उद्यमी
विज्ञापन
सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में बदहाल सड़कों से परेशान उद्यमी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के प्रमुख औद्योगिक केंद्र सरूरपुर में सड़क ना बनने से उद्यमी बेहद परेशान हैं। औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के अभाव, विशेषकर सड़कों के अस्तित्व में न होने के कारण यहां के व्यवसायियों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि सड़क ना बनी होने के कारण कारण कच्चा माल लाने और तैयार माल भेजने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। लोडिंग वाहनों के पलटने का डर हमेशा बना रहता है, जिससे न केवल माल का नुकसान होता है बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण वाहनों का मेंटेनेंस खर्च भी दोगुना हो गया है।
पवन मोरे नाम के एक उद्यमी ने कहा कि इसका असर व्यापार पर बेहद बुरी तरह से पड़ रहा है विदेशी और अन्य राज्यों के क्लाइंट खराब रास्तों के कारण फैक्ट्री आने से कतराते हैं। संजीव नाम के एक अन्य उद्यमी ने कहा कि बारिश में जलभराव की बहुत समस्या रहती है। हल्की बारिश में भी सड़कें तालाब बन जाती हैं, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
Trending Videos
फरीदाबाद। शहर के प्रमुख औद्योगिक केंद्र सरूरपुर में सड़क ना बनने से उद्यमी बेहद परेशान हैं। औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के अभाव, विशेषकर सड़कों के अस्तित्व में न होने के कारण यहां के व्यवसायियों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि सड़क ना बनी होने के कारण कारण कच्चा माल लाने और तैयार माल भेजने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। लोडिंग वाहनों के पलटने का डर हमेशा बना रहता है, जिससे न केवल माल का नुकसान होता है बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण वाहनों का मेंटेनेंस खर्च भी दोगुना हो गया है।
पवन मोरे नाम के एक उद्यमी ने कहा कि इसका असर व्यापार पर बेहद बुरी तरह से पड़ रहा है विदेशी और अन्य राज्यों के क्लाइंट खराब रास्तों के कारण फैक्ट्री आने से कतराते हैं। संजीव नाम के एक अन्य उद्यमी ने कहा कि बारिश में जलभराव की बहुत समस्या रहती है। हल्की बारिश में भी सड़कें तालाब बन जाती हैं, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन