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Faridabad News: अरावली में अवैध खनन पर अब ड्रोन से निगरानी
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- खनन विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग के निर्देश पर शुरू हुई चेकिंग
- प्रशासन ने अरावली के कई रास्ते बंद कर पकड़े संदिग्ध वाहन
शेरसिंह डागर
नूंह। मेवात की अरावली पहाड़ियों में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन पर अब प्रशासन और खनन विभाग सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है। अवैध खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अब ड्रोन सर्विलांस तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। ड्रोन से निगरानी के दौरान अरावली क्षेत्र के कई अवैध रास्तों की पहचान कर उन्हें बंद किया गया है और कुछ संदिग्ध वाहनों को भी पकड़ा गया है।
खनन विभाग के महानिदेशक के.एम. पांडुरंग के आदेशों पर ड्रोन शुरू किया गया है। पांडुरंग ने बैठक में नूंह खनन अधिकारी को निर्देश दिए थे कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। इसके तहत ड्रोन सर्विलांस लागू किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इधर उपायुक्त ने भी अवैध खनन को लेकर लापरवाही बरतने वाले एक अधिकारी के खिलाफ मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। प्रशासन अब अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी नजर बनाए हुए है।
- पहाड़ गिरने की घटना से हिला प्रशासन :
दरअसल, मेवात की अरावली में लगातार हो रही अवैध खनन की घटनाओं और हाल ही में पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरने की सूचना ने प्रशासन को झकझोर दिया था। इस मामले को लेकर सरकार के साथ विपक्ष ने भी सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में खनन माफिया ने खनन विभाग, वन विभाग और पुलिस की कथित मिलीभगत से अरबों रुपये के पत्थर का अवैध दोहन किया है।
- राजस्थान की सीमा का उठा रहे फायदा :
जिले के फिरोजपुर झिरका खंड के रवा, नाहारिका और चितोड़ा गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन के मामले सामने आ चुके हैं। इन गांवों की सीमा राजस्थान के डीग जिले की पहाड़ी तहसील के पास स्थित नांगल क्रेशर जोन से लगती है, जहां राजस्थान सरकार द्वारा स्वीकृत खनन लीज दी गई हैं। बताया जाता है कि राजस्थान के लीज होल्डर इसी का फायदा उठाते हुए हरियाणा की सीमा में घुसकर खनन कर लेते हैं और बाद में इसे राजस्थान क्षेत्र बताकर प्रशासन को गुमराह करते हैं।
- ब्लास्ट कर गिराया गया था पहाड़ :
रवा गांव के पास 26 नवंबर 2023 को पिलर नंबर 11 के पास ब्लास्टिंग कर पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरा दिया गया था। इस मामले में हरियाणा प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए एफआईआर नंबर 418 दर्ज की थी। इससे पहले भी 27 जनवरी 2023 को अवैध खनन का मामला दर्ज किया गया था। फिरोजपुर झिरका थाने में इस संबंध में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।इसके बाद फिर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा गिरने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
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खनन पर अंकुश लगने की उम्मीद
अब अरावली क्षेत्र में ड्रोन सर्विलांस सेवा शुरू होने से अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। 3 हफ्तों में बड़ा अभियान चलाकर 15 वाहनों को पकड़ा गया है और उनसे करीब साढ़े छह लाख रुपए जुर्माना वसूला गया है इस पर लगातार करवाई जारी रहेगी।
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हरियाणा और राजस्थान की सीमा पर पहाड़ों की स्पष्ट पैमाइश नहीं होने का फायदा उठाकर राजस्थान के कुछ लीज होल्डर हरियाणा क्षेत्र में अवैध खनन कर रहे थे। खान एवं भू-विज्ञान विभाग हरियाणा, पंचकूला की 26 जुलाई 2023 की पैमाइश रिपोर्ट में अवैध खनन का खुलासा हुआ था।
अखिल पिलानी, जिला उपायुक्त
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- प्रशासन ने अरावली के कई रास्ते बंद कर पकड़े संदिग्ध वाहन
शेरसिंह डागर
नूंह। मेवात की अरावली पहाड़ियों में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन पर अब प्रशासन और खनन विभाग सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है। अवैध खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अब ड्रोन सर्विलांस तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। ड्रोन से निगरानी के दौरान अरावली क्षेत्र के कई अवैध रास्तों की पहचान कर उन्हें बंद किया गया है और कुछ संदिग्ध वाहनों को भी पकड़ा गया है।
खनन विभाग के महानिदेशक के.एम. पांडुरंग के आदेशों पर ड्रोन शुरू किया गया है। पांडुरंग ने बैठक में नूंह खनन अधिकारी को निर्देश दिए थे कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। इसके तहत ड्रोन सर्विलांस लागू किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इधर उपायुक्त ने भी अवैध खनन को लेकर लापरवाही बरतने वाले एक अधिकारी के खिलाफ मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। प्रशासन अब अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी नजर बनाए हुए है।
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- पहाड़ गिरने की घटना से हिला प्रशासन :
दरअसल, मेवात की अरावली में लगातार हो रही अवैध खनन की घटनाओं और हाल ही में पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरने की सूचना ने प्रशासन को झकझोर दिया था। इस मामले को लेकर सरकार के साथ विपक्ष ने भी सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में खनन माफिया ने खनन विभाग, वन विभाग और पुलिस की कथित मिलीभगत से अरबों रुपये के पत्थर का अवैध दोहन किया है।
- राजस्थान की सीमा का उठा रहे फायदा :
जिले के फिरोजपुर झिरका खंड के रवा, नाहारिका और चितोड़ा गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन के मामले सामने आ चुके हैं। इन गांवों की सीमा राजस्थान के डीग जिले की पहाड़ी तहसील के पास स्थित नांगल क्रेशर जोन से लगती है, जहां राजस्थान सरकार द्वारा स्वीकृत खनन लीज दी गई हैं। बताया जाता है कि राजस्थान के लीज होल्डर इसी का फायदा उठाते हुए हरियाणा की सीमा में घुसकर खनन कर लेते हैं और बाद में इसे राजस्थान क्षेत्र बताकर प्रशासन को गुमराह करते हैं।
- ब्लास्ट कर गिराया गया था पहाड़ :
रवा गांव के पास 26 नवंबर 2023 को पिलर नंबर 11 के पास ब्लास्टिंग कर पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरा दिया गया था। इस मामले में हरियाणा प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए एफआईआर नंबर 418 दर्ज की थी। इससे पहले भी 27 जनवरी 2023 को अवैध खनन का मामला दर्ज किया गया था। फिरोजपुर झिरका थाने में इस संबंध में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।इसके बाद फिर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा गिरने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
खनन पर अंकुश लगने की उम्मीद
अब अरावली क्षेत्र में ड्रोन सर्विलांस सेवा शुरू होने से अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। 3 हफ्तों में बड़ा अभियान चलाकर 15 वाहनों को पकड़ा गया है और उनसे करीब साढ़े छह लाख रुपए जुर्माना वसूला गया है इस पर लगातार करवाई जारी रहेगी।
हरियाणा और राजस्थान की सीमा पर पहाड़ों की स्पष्ट पैमाइश नहीं होने का फायदा उठाकर राजस्थान के कुछ लीज होल्डर हरियाणा क्षेत्र में अवैध खनन कर रहे थे। खान एवं भू-विज्ञान विभाग हरियाणा, पंचकूला की 26 जुलाई 2023 की पैमाइश रिपोर्ट में अवैध खनन का खुलासा हुआ था।
अखिल पिलानी, जिला उपायुक्त