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प्रवेश उत्सव : अध्यापकों ने फूलमाला पहनाकर किया बच्चों का स्वागत
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फरीदाबाद एनआईटी दो स्थित निजी स्कूल में प्रवेश लेने के बाद स्कूल पहुचें बच्चों का स्वागत करती
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उपहार में दी गई स्टेशनरी, मेगा पीटीएम का भी हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में बुधवार को प्रवेश उत्सव के अंतर्गत विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान अध्यापक और बच्चों ने मिलकर रैली निकाली। इसके अलावा पहली बार विद्यालय जा रहे बच्चों का अध्यापकों ने टीका और फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। एक अप्रैल से जिले के 378 राजकीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है।
कुछ दिन पहले ही सीबीएसई और एचबीएसई कक्षा छह से आठवीं का परिणाम घोषित हुआ था। छात्रों ने बदली हुई क्लास में आने के अनुभव को बेहद खास बताया। हालांकि, विद्यालयों में पहले दिन छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही। कक्षाओं में गिने-चुने ही बच्चे दिखाई दिए। प्रवेश उत्सव के साथ प्राथमिक विद्यालयों में मेगा पीटीएम आयोजित की गई। इसमें अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान अभिभावकों के लिए दौड़ सहित अन्य तरह की कई गतिविधियां आयोजित की गईं।
प्राथमिक शिक्षक संगठन के जिला प्रधान चतरसिंह ने बताया कि विद्यालय में प्रवेश लेने वाले नए बच्चों का तिलक और फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इसके अलावा उन्हें स्टेशनरी का सामान भी उपहार में दिया गया। इस बार वार्षिक परीक्षा का परिणाम होलिस्टिक प्रोग्रस कार्ड के माध्यम से साझा किया गया। इस दौरान उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे।
पुरानी किताबें मिलने से निराश दिखे विद्यार्थी
जिले में विद्यालय एक अप्रैल से खुल गए हैं लेकिन छात्रों को नई किताबें नहीं दी गई। इस वजह से छात्रों और अभिभावकों में निराशा देखने को मिली। अभिभावकों का कहना कि विद्यालय में हर साल सत्र के शुरूआत में बच्चों को पुरानी किताबें ही दी जाती हैं। शिक्षा विभाग को इसके लिए पहले से ही योजना बनाकर रखनी चााहिए, ताकि बच्चों को समय पर किताबें मिल सकें। जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा नवंबर में ही किताबों के लिए टेंडर जारी किया था। लेकिन विद्यालय में अ्रभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं। वहीं, इस बारे में शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को जल्द ही किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। जिले में संभवत: 15 अप्रैल तक किताबें आ जाएंगी।
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जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में प्रवेश उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। यह अभियान अभी जारी रहेगा, ताकि अधिक अधिक छात्र प्रवेश ले सकें। - बसंत कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में बुधवार को प्रवेश उत्सव के अंतर्गत विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान अध्यापक और बच्चों ने मिलकर रैली निकाली। इसके अलावा पहली बार विद्यालय जा रहे बच्चों का अध्यापकों ने टीका और फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। एक अप्रैल से जिले के 378 राजकीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है।
कुछ दिन पहले ही सीबीएसई और एचबीएसई कक्षा छह से आठवीं का परिणाम घोषित हुआ था। छात्रों ने बदली हुई क्लास में आने के अनुभव को बेहद खास बताया। हालांकि, विद्यालयों में पहले दिन छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही। कक्षाओं में गिने-चुने ही बच्चे दिखाई दिए। प्रवेश उत्सव के साथ प्राथमिक विद्यालयों में मेगा पीटीएम आयोजित की गई। इसमें अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान अभिभावकों के लिए दौड़ सहित अन्य तरह की कई गतिविधियां आयोजित की गईं।
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प्राथमिक शिक्षक संगठन के जिला प्रधान चतरसिंह ने बताया कि विद्यालय में प्रवेश लेने वाले नए बच्चों का तिलक और फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इसके अलावा उन्हें स्टेशनरी का सामान भी उपहार में दिया गया। इस बार वार्षिक परीक्षा का परिणाम होलिस्टिक प्रोग्रस कार्ड के माध्यम से साझा किया गया। इस दौरान उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे।
पुरानी किताबें मिलने से निराश दिखे विद्यार्थी
जिले में विद्यालय एक अप्रैल से खुल गए हैं लेकिन छात्रों को नई किताबें नहीं दी गई। इस वजह से छात्रों और अभिभावकों में निराशा देखने को मिली। अभिभावकों का कहना कि विद्यालय में हर साल सत्र के शुरूआत में बच्चों को पुरानी किताबें ही दी जाती हैं। शिक्षा विभाग को इसके लिए पहले से ही योजना बनाकर रखनी चााहिए, ताकि बच्चों को समय पर किताबें मिल सकें। जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा नवंबर में ही किताबों के लिए टेंडर जारी किया था। लेकिन विद्यालय में अ्रभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं। वहीं, इस बारे में शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को जल्द ही किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। जिले में संभवत: 15 अप्रैल तक किताबें आ जाएंगी।
जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में प्रवेश उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। यह अभियान अभी जारी रहेगा, ताकि अधिक अधिक छात्र प्रवेश ले सकें। - बसंत कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी