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Faridabad News: हार्मोनल बदलाव की वजह से महिलाओं में बढ़ता मधुमेह का खतरा
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- रजोनिवृत्ति के बाद बिगड़ता शुगर स्तर, जटिलताओं का जोखिम भी ज्यादा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिलाओं में मधुमेह से जुड़ी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 5 से 8 महिलाएं इस तरह की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। खासकर रजोनिवृत्ति के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव इसके प्रमुख कारण के रूप में सामने आ रहे हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर प्रभावित हो रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा गुप्ता ने बताया कि रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हार्मोन का स्तर तेजी से बदलता है, जिसका सीधा असर उनके मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में महिलाओं को नियमित जांच कराते रहना चाहिए और जीवनशैली में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मधुमेह के सामान्य लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास और भूख लगना, थकान, अचानक वजन बढ़ना या कम होना और धुंधली दृष्टि शामिल हैं। सलाह देते हुए उन्होंने बताया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के जरिए मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। किसी भी तरह के लक्षण नजर आने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
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फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिलाओं में मधुमेह से जुड़ी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 5 से 8 महिलाएं इस तरह की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। खासकर रजोनिवृत्ति के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव इसके प्रमुख कारण के रूप में सामने आ रहे हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर प्रभावित हो रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा गुप्ता ने बताया कि रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हार्मोन का स्तर तेजी से बदलता है, जिसका सीधा असर उनके मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में महिलाओं को नियमित जांच कराते रहना चाहिए और जीवनशैली में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मधुमेह के सामान्य लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास और भूख लगना, थकान, अचानक वजन बढ़ना या कम होना और धुंधली दृष्टि शामिल हैं। सलाह देते हुए उन्होंने बताया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के जरिए मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। किसी भी तरह के लक्षण नजर आने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।