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Faridabad News: मंदिर का पुजारी बनकर ठगी, दो खाताधारक गिरफ्तार
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फरीदाबाद। छह माह पहले मंदिर का पुजारी बताकर सेक्टर-9 निवासी व्यक्ति से 35 हजार रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने अलवर निवासी आबिद और अरसद को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया है। दोनों खाताधारकों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि एक फरवरी को उसके पास अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को मंदिर का पुजारी बताया और कहा कि उसे एक जानकार से पैसे लेने हैं, लेकिन उसका यूपीआई चालू नहीं है। उसने शिकायतकर्ता से रकम अपने बताए खातों में भेजने को कहा और बाद में पैसे लेने की बात कही थी। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता के मोबाइल पर 35 हजार रुपये आने का फर्जी संदेश भेज दिया। संदेश देखकर शिकायतकर्ता ने विश्वास कर लिया और दो अलग-अलग खातों में कुल 35 हजार रुपये भेज दिए। बाद में खाते का बैलेंस जांचने पर उसे पता चला कि उसके खाते में कोई रकम नहीं आई थी। शिकायत के आधार पर साइबर थाना बल्लभगढ़ ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की, जांच में सामने आया कि 15 हजार रुपये आबिद के खाते और 20 हजार रुपये अरसद के खाते में पहुंचे थे। दोनों अलवर, राजस्थान के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार अरसद ट्रक चालक है और उसके खिलाफ पहले भी साइबर अपराध की एक प्राथमिकी दर्ज है। संवाद
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पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि एक फरवरी को उसके पास अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को मंदिर का पुजारी बताया और कहा कि उसे एक जानकार से पैसे लेने हैं, लेकिन उसका यूपीआई चालू नहीं है। उसने शिकायतकर्ता से रकम अपने बताए खातों में भेजने को कहा और बाद में पैसे लेने की बात कही थी। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता के मोबाइल पर 35 हजार रुपये आने का फर्जी संदेश भेज दिया। संदेश देखकर शिकायतकर्ता ने विश्वास कर लिया और दो अलग-अलग खातों में कुल 35 हजार रुपये भेज दिए। बाद में खाते का बैलेंस जांचने पर उसे पता चला कि उसके खाते में कोई रकम नहीं आई थी। शिकायत के आधार पर साइबर थाना बल्लभगढ़ ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की, जांच में सामने आया कि 15 हजार रुपये आबिद के खाते और 20 हजार रुपये अरसद के खाते में पहुंचे थे। दोनों अलवर, राजस्थान के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार अरसद ट्रक चालक है और उसके खिलाफ पहले भी साइबर अपराध की एक प्राथमिकी दर्ज है। संवाद
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