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Faridabad News: किराये पर गाड़ी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, चार गिरफ्तार
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दो कॉलर और दो बैंक खाते मुहैया करवाने वालों को पकड़ा, पुलिस ने ठगी गई पूरी रकम भी की बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। किराये पर गाड़ी उपलब्ध कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में गगन निवासी लुधियाना (पंजाब), विशाल निवासी आगरा (उत्तर प्रदेश), प्रवीण निवासी धौलपुर (राजस्थान) और मुकेश शर्मा निवासी मानसरोवर (दिल्ली) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो कॉलर की भूमिका में थे, जबकि दो ने ठगी की रकम मंगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने ठगी की पूरी राशि बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-29 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि 26 जून को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ट्रांसपोर्टर बताते हुए किराये पर गाड़ी उपलब्ध कराने की बात कही। आरोपी ने विश्वास में लेकर वाहन उपलब्ध कराने के नाम पर अलग-अलग ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से पीड़ित से कुल 1,20,000 रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद न तो गाड़ी उपलब्ध कराई गई और न ही पैसे वापस किए गए। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दी, जिस पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने तकनीकी जांच, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों के लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि विशाल और प्रवीण ने पीड़ित को फोन कर खुद को ट्रांसपोर्टर बताया था। दोनों ने किराये पर गाड़ी उपलब्ध कराने का झांसा देकर रकम अपने बताए खातों में ट्रांसफर कराई। वहीं, गगन और मुकेश शर्मा ने गिरोह के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। जांच में पता चला कि मुकेश शर्मा द्वारा उपलब्ध कराए गए खाते में ठगी की 50 हजार रुपये की राशि पहुंची थी, जबकि गगन द्वारा उपलब्ध कराए गए खाते में 70 हजार रुपये आए थे।
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वृंदावन में किराये के कमरे से चला रहे थे ठगी का नेटवर्क, फोन कर वाहन उपलब्ध कराने का देते थे झांसा
पुलिस के अनुसार मुकेश शर्मा स्नातक है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। वह विशाल का रिश्ते में फूफा लगता है। विशाल और प्रवीण आपस में दोस्त हैं। तीनों ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक कमरा किराये पर लिया हुआ था, जहां से लोगों को फोन कर किराये पर वाहन उपलब्ध कराने के नाम पर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए ठगी की पूरी राशि 1,20,000 रुपये बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां आरोपी गगन को जमानत मिल गई, जबकि विशाल, प्रवीण और मुकेश शर्मा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। किराये पर गाड़ी उपलब्ध कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में गगन निवासी लुधियाना (पंजाब), विशाल निवासी आगरा (उत्तर प्रदेश), प्रवीण निवासी धौलपुर (राजस्थान) और मुकेश शर्मा निवासी मानसरोवर (दिल्ली) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो कॉलर की भूमिका में थे, जबकि दो ने ठगी की रकम मंगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने ठगी की पूरी राशि बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-29 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि 26 जून को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ट्रांसपोर्टर बताते हुए किराये पर गाड़ी उपलब्ध कराने की बात कही। आरोपी ने विश्वास में लेकर वाहन उपलब्ध कराने के नाम पर अलग-अलग ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से पीड़ित से कुल 1,20,000 रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद न तो गाड़ी उपलब्ध कराई गई और न ही पैसे वापस किए गए। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दी, जिस पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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जांच के दौरान साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने तकनीकी जांच, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों के लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि विशाल और प्रवीण ने पीड़ित को फोन कर खुद को ट्रांसपोर्टर बताया था। दोनों ने किराये पर गाड़ी उपलब्ध कराने का झांसा देकर रकम अपने बताए खातों में ट्रांसफर कराई। वहीं, गगन और मुकेश शर्मा ने गिरोह के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। जांच में पता चला कि मुकेश शर्मा द्वारा उपलब्ध कराए गए खाते में ठगी की 50 हजार रुपये की राशि पहुंची थी, जबकि गगन द्वारा उपलब्ध कराए गए खाते में 70 हजार रुपये आए थे।
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वृंदावन में किराये के कमरे से चला रहे थे ठगी का नेटवर्क, फोन कर वाहन उपलब्ध कराने का देते थे झांसा
पुलिस के अनुसार मुकेश शर्मा स्नातक है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। वह विशाल का रिश्ते में फूफा लगता है। विशाल और प्रवीण आपस में दोस्त हैं। तीनों ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक कमरा किराये पर लिया हुआ था, जहां से लोगों को फोन कर किराये पर वाहन उपलब्ध कराने के नाम पर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए ठगी की पूरी राशि 1,20,000 रुपये बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां आरोपी गगन को जमानत मिल गई, जबकि विशाल, प्रवीण और मुकेश शर्मा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।