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Faridabad News: संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या में गैंगस्टर अरुण चौधरी पर आरोप तय
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अदालत ने हत्या और बंदी को धमकी देने के आरोपों में ट्रायल शुरू करने के दिए आदेश
आठ फरवरी को नीमका जेल में हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नीमका जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी गैंगस्टर अरुण चौधरी उर्फ अबू जाट के खिलाफ हत्या और साथी बंदी को धमकी देने के आरोप तय कर दिए हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोप तय करने के बाद मामले में नियमित ट्रायल शुरू करने के आदेश दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुनवाई में अरुण चौधरी ने खुद को निर्दोष बताते हुए मुकदमे सामना करने की बात कही। यह वारदात आठ फरवरी की रात नीमका जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में हुई थी।
जांच के अनुसार जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा निवासी अरुण चौधरी उर्फ अबू जाट ने बैरक में बंद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान पर गमछे में पत्थर बांधकर हमला किया था, जिससे उसकी मौत हुई थी। घटना के बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने हत्या सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब्दुल रहमान अयोध्या जिले के मिल्कीपुर का रहने वाला था। उसे मार्च 2025 में गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने फरीदाबाद के पाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।
एजेंसियों का आरोप था कि वह अयोध्या स्थित राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड बरामद होने का दावा किया गया था। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई थी। वहीं, आरोपी अरुण चौधरी उर्फ अबू जाट को जम्मू-कश्मीर का कुख्यात गैंगस्टर बताया जाता है। सुरक्षा कारणों से उसे जम्मू-कश्मीर की जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में स्थानांतरित किया गया था। जेल प्रशासन की जांच में दोनों बंदियों के बीच पहले विवाद होने की बात भी सामने आई थी। अदालत में आरोप तय होने के बाद अब अभियोजन पक्ष गवाहों और अन्य साक्ष्यों के माध्यम से आरोप साबित करने का प्रयास करेगा। वहीं, बचाव पक्ष आरोपों को गलत बता रहा है। मामले में आगे नियमित न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई होगी।
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आठ फरवरी को नीमका जेल में हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नीमका जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी गैंगस्टर अरुण चौधरी उर्फ अबू जाट के खिलाफ हत्या और साथी बंदी को धमकी देने के आरोप तय कर दिए हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोप तय करने के बाद मामले में नियमित ट्रायल शुरू करने के आदेश दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुनवाई में अरुण चौधरी ने खुद को निर्दोष बताते हुए मुकदमे सामना करने की बात कही। यह वारदात आठ फरवरी की रात नीमका जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में हुई थी।
जांच के अनुसार जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा निवासी अरुण चौधरी उर्फ अबू जाट ने बैरक में बंद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान पर गमछे में पत्थर बांधकर हमला किया था, जिससे उसकी मौत हुई थी। घटना के बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने हत्या सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब्दुल रहमान अयोध्या जिले के मिल्कीपुर का रहने वाला था। उसे मार्च 2025 में गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने फरीदाबाद के पाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।
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एजेंसियों का आरोप था कि वह अयोध्या स्थित राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड बरामद होने का दावा किया गया था। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई थी। वहीं, आरोपी अरुण चौधरी उर्फ अबू जाट को जम्मू-कश्मीर का कुख्यात गैंगस्टर बताया जाता है। सुरक्षा कारणों से उसे जम्मू-कश्मीर की जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में स्थानांतरित किया गया था। जेल प्रशासन की जांच में दोनों बंदियों के बीच पहले विवाद होने की बात भी सामने आई थी। अदालत में आरोप तय होने के बाद अब अभियोजन पक्ष गवाहों और अन्य साक्ष्यों के माध्यम से आरोप साबित करने का प्रयास करेगा। वहीं, बचाव पक्ष आरोपों को गलत बता रहा है। मामले में आगे नियमित न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई होगी।
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