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Faridabad News: गंगा जल से बुझ सकती है शहर की प्यास
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केंद्र के साथ चर्चा के बाद तेज हो सकती है 2000 करोड़ की योजना
अपर गंगा कैनाल से 500 एमएलडी पानी लाने की तैयारी
फरीदाबाद के साथ पलवल को भी मिलेगा परियोजना का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। तेजी से बढ़ती आबादी, गिरते भूजल स्तर और हर गर्मी में गहराते पेयजल संकट से जूझ रहे फरीदाबाद के लिए राहत की उम्मीद जगी है। हरियाणा सरकार ने उत्तर प्रदेश की अपर गंगा नहर से फरीदाबाद तक पानी लाने की महत्वाकांक्षी योजना पर केंद्र सरकार के साथ विस्तृत चर्चा की है। इस चर्चा के बाद अब परियोजना के जल्द धरातल पर उतरने की संभावना बढ़ गई है। अब इस योजना का लाभ फरीदाबाद के साथ पलवल को भी मिल सकता है।
करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के तहत हापुड़ जिले के डेहरा गांव स्थित अपर गंगा कैनाल से फरीदाबाद तक 500 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी लाने का प्रस्ताव है। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना आने वाले 20 से 25 वर्षों तक शहर की पेयजल जरूरतों को देखते हुए बनाई गई है।
फरीदाबाद में वर्तमान समय में करीब 20 लाख से अधिक आबादी निवास कर रही है। शहर का विस्तार लगातार ग्रेटर फरीदाबाद, नई हाउसिंग सोसाइटियों और औद्योगिक सेक्टरों तक बढ़ रहा है लेकिन उसके मुकाबले जलापूर्ति ढांचा पर्याप्त गति से विकसित नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार शहर को प्रतिदिन करीब 420 से 450 एमएलडी पानी की जरूरत होती है जबकि नियमित सप्लाई कई बार 300 से 330 एमएलडी तक ही है। गर्मियों में हालात और खराब हो जाते हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा संकट
एनआईटी, पर्वतीय कॉलोनी, संजय कॉलोनी, बल्लभगढ़, जवाहर कॉलोनी, सेक्टर-56 से 89 और ग्रेटर फरीदाबाद के कई हिस्सों में लोग लंबे समय से पानी की किल्लत झेल रहे हैं। कई क्षेत्रों में सुबह-शाम कुछ घंटों की सप्लाई पर पूरा परिवार निर्भर रहता है जबकि हजारों परिवार निजी टैंकरों और बोरवेल से पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों में कई बार तीन-तीन दिन तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता। इससे घरेलू जरूरतों के साथ छोटे कारोबार और दुकानदारों पर भी असर पड़ता है।
गिरता भूजल बना बड़ी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार फरीदाबाद में भूजल का अत्यधिक दोहन भी चिंता का विषय बन चुका है। कई इलाकों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। दूसरी ओर यमुना से मिलने वाला पानी सीमित होने के साथ प्रदूषण की समस्या से भी प्रभावित रहता है। ऐसे में गंगा जल आधारित नई परियोजना को शहर के लिए दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
हापुड़ से अमीपुर तक पहुंचेगा पानी
योजना के अनुसार उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के डेहरा गांव से 3500 एमएम व्यास की बड़ी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह पाइपलाइन यूपी सिंचाई विभाग की भूमि और यमुना किनारे के मार्ग से होते हुए फरीदाबाद के अमीपुर गांव तक पहुंचेगी। यहां बड़े जलाशय और बूस्टिंग स्टेशन विकसित किए जाने की तैयारी है जहां से शहर के विभिन्न सेक्टरों और औद्योगिक क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का डिजाइन वर्ष 2050 तक की अनुमानित आबादी और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे केवल घरेलू जलापूर्ति ही नहीं बल्कि औद्योगिक इकाइयों को भी राहत मिलेगी।
उद्योगों को भी मिलेगा फायदा
फरीदाबाद हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक शहर है और यहां हजारों फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। आईएमटी और औद्योगिक सेक्टरों में पानी की कमी लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। उद्योग संगठनों का कहना है कि पर्याप्त पानी मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और निजी जल स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।
केंद्र के साथ चर्चा के बाद बढ़ीं उम्मीदें
हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्र सरकार के साथ इस परियोजना पर चर्चा की। बैठक में दक्षिण हरियाणा के जल संकट, बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। सूत्रों के अनुसार चर्चा सकारात्मक रही है और अब संबंधित विभागों के बीच तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
इस परियोजना को लेकर प्रस्ताव यूपी सरकार को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद आगे का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-गौरव, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग फरीदाबाद
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अपर गंगा कैनाल से 500 एमएलडी पानी लाने की तैयारी
फरीदाबाद के साथ पलवल को भी मिलेगा परियोजना का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। तेजी से बढ़ती आबादी, गिरते भूजल स्तर और हर गर्मी में गहराते पेयजल संकट से जूझ रहे फरीदाबाद के लिए राहत की उम्मीद जगी है। हरियाणा सरकार ने उत्तर प्रदेश की अपर गंगा नहर से फरीदाबाद तक पानी लाने की महत्वाकांक्षी योजना पर केंद्र सरकार के साथ विस्तृत चर्चा की है। इस चर्चा के बाद अब परियोजना के जल्द धरातल पर उतरने की संभावना बढ़ गई है। अब इस योजना का लाभ फरीदाबाद के साथ पलवल को भी मिल सकता है।
करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के तहत हापुड़ जिले के डेहरा गांव स्थित अपर गंगा कैनाल से फरीदाबाद तक 500 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी लाने का प्रस्ताव है। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना आने वाले 20 से 25 वर्षों तक शहर की पेयजल जरूरतों को देखते हुए बनाई गई है।
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फरीदाबाद में वर्तमान समय में करीब 20 लाख से अधिक आबादी निवास कर रही है। शहर का विस्तार लगातार ग्रेटर फरीदाबाद, नई हाउसिंग सोसाइटियों और औद्योगिक सेक्टरों तक बढ़ रहा है लेकिन उसके मुकाबले जलापूर्ति ढांचा पर्याप्त गति से विकसित नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार शहर को प्रतिदिन करीब 420 से 450 एमएलडी पानी की जरूरत होती है जबकि नियमित सप्लाई कई बार 300 से 330 एमएलडी तक ही है। गर्मियों में हालात और खराब हो जाते हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा संकट
एनआईटी, पर्वतीय कॉलोनी, संजय कॉलोनी, बल्लभगढ़, जवाहर कॉलोनी, सेक्टर-56 से 89 और ग्रेटर फरीदाबाद के कई हिस्सों में लोग लंबे समय से पानी की किल्लत झेल रहे हैं। कई क्षेत्रों में सुबह-शाम कुछ घंटों की सप्लाई पर पूरा परिवार निर्भर रहता है जबकि हजारों परिवार निजी टैंकरों और बोरवेल से पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों में कई बार तीन-तीन दिन तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता। इससे घरेलू जरूरतों के साथ छोटे कारोबार और दुकानदारों पर भी असर पड़ता है।
गिरता भूजल बना बड़ी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार फरीदाबाद में भूजल का अत्यधिक दोहन भी चिंता का विषय बन चुका है। कई इलाकों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। दूसरी ओर यमुना से मिलने वाला पानी सीमित होने के साथ प्रदूषण की समस्या से भी प्रभावित रहता है। ऐसे में गंगा जल आधारित नई परियोजना को शहर के लिए दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
हापुड़ से अमीपुर तक पहुंचेगा पानी
योजना के अनुसार उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के डेहरा गांव से 3500 एमएम व्यास की बड़ी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह पाइपलाइन यूपी सिंचाई विभाग की भूमि और यमुना किनारे के मार्ग से होते हुए फरीदाबाद के अमीपुर गांव तक पहुंचेगी। यहां बड़े जलाशय और बूस्टिंग स्टेशन विकसित किए जाने की तैयारी है जहां से शहर के विभिन्न सेक्टरों और औद्योगिक क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का डिजाइन वर्ष 2050 तक की अनुमानित आबादी और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे केवल घरेलू जलापूर्ति ही नहीं बल्कि औद्योगिक इकाइयों को भी राहत मिलेगी।
उद्योगों को भी मिलेगा फायदा
फरीदाबाद हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक शहर है और यहां हजारों फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। आईएमटी और औद्योगिक सेक्टरों में पानी की कमी लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। उद्योग संगठनों का कहना है कि पर्याप्त पानी मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और निजी जल स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।
केंद्र के साथ चर्चा के बाद बढ़ीं उम्मीदें
हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्र सरकार के साथ इस परियोजना पर चर्चा की। बैठक में दक्षिण हरियाणा के जल संकट, बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। सूत्रों के अनुसार चर्चा सकारात्मक रही है और अब संबंधित विभागों के बीच तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
इस परियोजना को लेकर प्रस्ताव यूपी सरकार को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद आगे का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-गौरव, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग फरीदाबाद