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Faridabad News: जासूसी कांड में नौशाद अली से मिलने आने वालों की तलाश में है गाजियाबाद पुलिस
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नचौली गांव स्थित पेट्रोल पर ही रहता था पकड़ा गया आरोपी 20 साल का नौशाद
फरीदाबाद के भी कई जगहों के फोटो व वीडियो आरोपी ने दिए थे पाकिस्तानी हैंडलर को
सोनू यादव
फरीदाबाद। गाजियाबाद से सामने आए जासूसी कांड मामले में फरीदाबाद से गिरफ्तार हुए पंचर दुकान संचालक नौशाद अली से मिलने वालों की तलाश में भी पुलिस जुटी है। पुलिस टीम ये पता लगा रही है कि बीते 3 महीने के दौरान, जब से नौशाद नचौली इलाके के पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान चला रहा था, यहां इससे कौन-कौन लोग मिलने आते थे। वहीं मामले को लेकर इलाके के लोगों में सोमवार को चर्चा का माहौल रहा। पेट्रोल पंप के कर्मचारी भी मीडिया से बात करने से बचते नजर आए।
वहीं आधिकारिक सूत्रों की मानें तो नौशाद अली ने यहां रहने के दौरान फरीदाबाद के भी कई जगहों के फोटो व वीडियो बनाकर ऐप के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर को दिए थे। इसके लिए आरोपी 2 बार फरीदाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में भी गया था। ऐसा शक है कि देश के अन्य शहरों की तरह इस गिरोह ने फरीदाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्लॉन तैयार किया था।
वहीं नचौली गांव स्थित पेट्रोल पंप पर प्रदूषण नियंत्रण मशीन चलाने वाले मोनू से अमर उजाला टीम ने सोमवार को वहां जाकर बात की। कांवरा इलाके में रहने वाले मोनू ने बताया कि अक्सर वो यहीं रहने वाले नौशाद के साथ बैठकर ही खाना भी खाता था। दोनों पास के इलाके से ही खाना मंगवाते थे। अक्सर वो मोबाइल तो चलाता रहता था लेकिन ऐसा कभी शक नहीं हुआ कि नौशाद अपने मोबाइल में कुछ अवैध गतिविधि कर रहा है। मोनू के अनुसार मोबाइल में क्या करता था, इसकी जानकारी नहीं है और न ही कभी नौशाद ने इसे लेकर उससे चर्चा की।
इसके साथ ही नौशाद अली की यहां पंचर की दुकान शुरू कराने वाले मुमताज उर्फ इम्तियाज से भी सोमवार को अमर उजाला टीम ने बात की। मुमताज मेवला महाराजपुर इलाके के एक पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान चलाता है और नौशाद के गांव का ही रहने वाला है। मुमताज ने बताया कि नौशाद के पिता जलालुद्दीन को वो जानता है क्योंकि उन्होंने मुमताज के मकान में लोहे की ग्रिल लगाने का काम किया था। मुमताज ने कहा कि नचौली के पंप पर पहले मैनेजर के तौर पर कार्यरत रविंद्र ने उससे संपर्क कर यहां पंचर की दुकान लगाने को कहा था। मुमताज ने खुद जाकर वहां देखा और दुकान लगाने से मना कर दिया था। बाद में रविंद्र के कहने पर उसने अपने गांव के जलालुद्दीन को इस बारे में बताया। तब जलालुद्दीन ने अपने बेटे नौशाद को फरीदाबाद भेजा और उसने दुकान खोल ली। मुमताज के अनुसार वो तो नौशाद से यहां आने के बाद मिला भी नहीं।
मुमताज ने बताया कि नौशाद को पुलिस जब यहां से पकड़कर ले गई तो रविंद्र ने उसे कॉल कर बताया। तब मुमताज ने बिहार में नौशाद के पिता जलालुद्दीन को कॉल कर इस बारे में बताया। जलालुद्दीन बिहार से फरीदाबाद आए और फिर पुलिस के पास गए। नौशाद अली का मामा पप्पू खड्डा कॉलोनी में रहता है।
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फरीदाबाद के भी कई जगहों के फोटो व वीडियो आरोपी ने दिए थे पाकिस्तानी हैंडलर को
सोनू यादव
फरीदाबाद। गाजियाबाद से सामने आए जासूसी कांड मामले में फरीदाबाद से गिरफ्तार हुए पंचर दुकान संचालक नौशाद अली से मिलने वालों की तलाश में भी पुलिस जुटी है। पुलिस टीम ये पता लगा रही है कि बीते 3 महीने के दौरान, जब से नौशाद नचौली इलाके के पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान चला रहा था, यहां इससे कौन-कौन लोग मिलने आते थे। वहीं मामले को लेकर इलाके के लोगों में सोमवार को चर्चा का माहौल रहा। पेट्रोल पंप के कर्मचारी भी मीडिया से बात करने से बचते नजर आए।
वहीं आधिकारिक सूत्रों की मानें तो नौशाद अली ने यहां रहने के दौरान फरीदाबाद के भी कई जगहों के फोटो व वीडियो बनाकर ऐप के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर को दिए थे। इसके लिए आरोपी 2 बार फरीदाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में भी गया था। ऐसा शक है कि देश के अन्य शहरों की तरह इस गिरोह ने फरीदाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्लॉन तैयार किया था।
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वहीं नचौली गांव स्थित पेट्रोल पंप पर प्रदूषण नियंत्रण मशीन चलाने वाले मोनू से अमर उजाला टीम ने सोमवार को वहां जाकर बात की। कांवरा इलाके में रहने वाले मोनू ने बताया कि अक्सर वो यहीं रहने वाले नौशाद के साथ बैठकर ही खाना भी खाता था। दोनों पास के इलाके से ही खाना मंगवाते थे। अक्सर वो मोबाइल तो चलाता रहता था लेकिन ऐसा कभी शक नहीं हुआ कि नौशाद अपने मोबाइल में कुछ अवैध गतिविधि कर रहा है। मोनू के अनुसार मोबाइल में क्या करता था, इसकी जानकारी नहीं है और न ही कभी नौशाद ने इसे लेकर उससे चर्चा की।
इसके साथ ही नौशाद अली की यहां पंचर की दुकान शुरू कराने वाले मुमताज उर्फ इम्तियाज से भी सोमवार को अमर उजाला टीम ने बात की। मुमताज मेवला महाराजपुर इलाके के एक पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान चलाता है और नौशाद के गांव का ही रहने वाला है। मुमताज ने बताया कि नौशाद के पिता जलालुद्दीन को वो जानता है क्योंकि उन्होंने मुमताज के मकान में लोहे की ग्रिल लगाने का काम किया था। मुमताज ने कहा कि नचौली के पंप पर पहले मैनेजर के तौर पर कार्यरत रविंद्र ने उससे संपर्क कर यहां पंचर की दुकान लगाने को कहा था। मुमताज ने खुद जाकर वहां देखा और दुकान लगाने से मना कर दिया था। बाद में रविंद्र के कहने पर उसने अपने गांव के जलालुद्दीन को इस बारे में बताया। तब जलालुद्दीन ने अपने बेटे नौशाद को फरीदाबाद भेजा और उसने दुकान खोल ली। मुमताज के अनुसार वो तो नौशाद से यहां आने के बाद मिला भी नहीं।
मुमताज ने बताया कि नौशाद को पुलिस जब यहां से पकड़कर ले गई तो रविंद्र ने उसे कॉल कर बताया। तब मुमताज ने बिहार में नौशाद के पिता जलालुद्दीन को कॉल कर इस बारे में बताया। जलालुद्दीन बिहार से फरीदाबाद आए और फिर पुलिस के पास गए। नौशाद अली का मामा पप्पू खड्डा कॉलोनी में रहता है।