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Faridabad News: पार्किंग में प्रसव मामले में स्वास्थ्य विभाग सख्त, दो कर्मचारी निलंबित
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सेक्टर-3 एफआरयू-2 प्रकरण में जांच तेज, अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-3 स्थित फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू)-2 की पार्किंग में गर्भवती महिला की डिलीवरी होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही के संकेत मिलने पर एक नर्सिंग स्टाफ और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ यह कदम उठाया गया। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और रिपोर्ट के आधार पर अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
गांव बड़ौली निवासी गर्भवती बलेश को शुक्रवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन सेक्टर-3 स्थित एफआरयू-2 लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का इमरजेंसी गेट बंद मिला और काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद कोई स्वास्थ्य कर्मचारी मौके पर नहीं आया। इसी दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उसकी मां को अस्पताल की पार्किंग में मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी करानी पड़ी। परिजनों का कहना है कि प्रसव होने के करीब 15 से 20 मिनट बाद नर्सिंग स्टाफ मौके पर पहुंचा और जच्चा-बच्चा को अस्पताल के अंदर भर्ती कराया गया। महिला के पति देवेंद्र चंदीला ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही से मां और नवजात दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा दबाव
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। विपक्षी दलों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निर्देश पर गठित जांच समिति शनिवार को अस्पताल पहुंची और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की।अधिकारियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया तथा उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ भी की। विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है और कार्रवाई
सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या कुछ कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है, जिसके आधार पर दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-3 स्थित फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू)-2 की पार्किंग में गर्भवती महिला की डिलीवरी होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही के संकेत मिलने पर एक नर्सिंग स्टाफ और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ यह कदम उठाया गया। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और रिपोर्ट के आधार पर अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
गांव बड़ौली निवासी गर्भवती बलेश को शुक्रवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन सेक्टर-3 स्थित एफआरयू-2 लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का इमरजेंसी गेट बंद मिला और काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद कोई स्वास्थ्य कर्मचारी मौके पर नहीं आया। इसी दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उसकी मां को अस्पताल की पार्किंग में मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी करानी पड़ी। परिजनों का कहना है कि प्रसव होने के करीब 15 से 20 मिनट बाद नर्सिंग स्टाफ मौके पर पहुंचा और जच्चा-बच्चा को अस्पताल के अंदर भर्ती कराया गया। महिला के पति देवेंद्र चंदीला ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही से मां और नवजात दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
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वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा दबाव
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। विपक्षी दलों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निर्देश पर गठित जांच समिति शनिवार को अस्पताल पहुंची और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की।अधिकारियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया तथा उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ भी की। विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है और कार्रवाई
सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या कुछ कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है, जिसके आधार पर दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।