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Faridabad News: हथियार बरामद नहीं, चोट में फ्रैक्चर नहीं, आरोपों की गंभीरता ट्रायल में होगी तय
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अदालत ने आरोपी को दी नियमित जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने 17 अगस्त को कहा कि चोटों की प्रकृति और हथियार की बरामदगी नहीं होने के आधार पर आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की गंभीरता का निर्धारण मुकदमे की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा। अदालत ने इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वजीत कुमार को 17 अगस्त को नियमित जमानत दे दी।
आरोपी को एक लाख रुपये के जमानती बांड और इतनी ही राशि के एक जमानतदार पर जमानत मिली। अदालत के आदेश के अनुसार, थाना मुजेसर में सात मई को बबिता देवी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी उसके साथ एक ही कंपनी में काम करता था और उसके घर आता-जाता था। सात मई को आरोपी ने फोन कर उसके घर आने की बात कही थी। महिला ने उसे घर आने से मना किया लेकिन इसके बावजूद वह घर पहुंचा और कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग गया।
चिकित्सकीय जांच में महिला को तीन चोटें मिली थीं। पुलिस के जवाब के अनुसार, चोटों के कारण कोई फ्रैक्चर नहीं हुआ था। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी से हमले में इस्तेमाल कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। आरोपी ने चार अगस्त को अदालत में आत्मसमर्पण किया था और तब से हिरासत में था। बचाव पक्ष ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि आरोपी को मामले में झूठा फंसाया गया है और उससे किसी हथियार की बरामदगी नहीं हुई है। अभियोजन ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने 17 अगस्त को कहा कि चोटों की प्रकृति और हथियार की बरामदगी नहीं होने के आधार पर आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की गंभीरता का निर्धारण मुकदमे की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा। अदालत ने इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वजीत कुमार को 17 अगस्त को नियमित जमानत दे दी।
आरोपी को एक लाख रुपये के जमानती बांड और इतनी ही राशि के एक जमानतदार पर जमानत मिली। अदालत के आदेश के अनुसार, थाना मुजेसर में सात मई को बबिता देवी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी उसके साथ एक ही कंपनी में काम करता था और उसके घर आता-जाता था। सात मई को आरोपी ने फोन कर उसके घर आने की बात कही थी। महिला ने उसे घर आने से मना किया लेकिन इसके बावजूद वह घर पहुंचा और कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग गया।
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चिकित्सकीय जांच में महिला को तीन चोटें मिली थीं। पुलिस के जवाब के अनुसार, चोटों के कारण कोई फ्रैक्चर नहीं हुआ था। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी से हमले में इस्तेमाल कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। आरोपी ने चार अगस्त को अदालत में आत्मसमर्पण किया था और तब से हिरासत में था। बचाव पक्ष ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि आरोपी को मामले में झूठा फंसाया गया है और उससे किसी हथियार की बरामदगी नहीं हुई है। अभियोजन ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
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