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Faridabad News: महिला आयोग से पवन सिंह को राहत
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पीआर टीम के सदस्यों पर शिकंजा कसने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में बृहस्पतिवार को हरियाणा महिला आयोग की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया के समक्ष हाईप्रोफाइल हरियाणवी अभिनेत्री पेश हुईं। इस दौरान कथित अभद्र व्यवहार के मामले में आयोग ने भोजपुरी गायक व अभिनेता पवन सिंह को बड़ी राहत देते हुए उनका नाम केस से हटा दिया।
आयोग ने सुनवाई के बाद बिना पेशी के ही यह निर्णय लिया। वहीं, मामले में नया मोड़ लेते हुए आयोग ने पवन सिंह की पीआर टीम के कुछ सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने आयोग को बताया कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं, क्योंकि पवन सिंह पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह उन्हें माफ कर चुकी हैं और अब उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। इसी आधार पर आयोग ने उनका नाम मामले से हटा दिया। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री ने पवन सिंह पर अनुचित तरीके से कमर छूने का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला चर्चा में आया था। हालांकि, समय के साथ पीड़िता का रुख बदल गया। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने एक गंभीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ लोगों ने उनकी छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाले। इतना ही नहीं, उनका मोबाइल नंबर और फोटो पोर्न वेबसाइट्स पर भी डाल दिए गए, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
पीड़िता ने संतोष सिंह यादव, आकाश और एक अन्य व्यक्ति पर अश्लील व आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि पवन सिंह को माफ करने के बावजूद उनकी पीआर टीम के कुछ सदस्य लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं और फर्जी कंटेंट के जरिए बदनाम कर रहे हैं। पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां भी दीं।
आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि पीड़िता के बयान के आधार पर पवन सिंह का नाम हटा दिया गया है। वहीं, जिन तीन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें मामले में शामिल कर समन भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई छह अप्रैल को पंचकूला में तय की है। साथ ही पीड़िता ने आयोग से अपमानजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाने की मांग की है, यह कहते हुए कि इस विवाद का उनके करियर पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में बृहस्पतिवार को हरियाणा महिला आयोग की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया के समक्ष हाईप्रोफाइल हरियाणवी अभिनेत्री पेश हुईं। इस दौरान कथित अभद्र व्यवहार के मामले में आयोग ने भोजपुरी गायक व अभिनेता पवन सिंह को बड़ी राहत देते हुए उनका नाम केस से हटा दिया।
आयोग ने सुनवाई के बाद बिना पेशी के ही यह निर्णय लिया। वहीं, मामले में नया मोड़ लेते हुए आयोग ने पवन सिंह की पीआर टीम के कुछ सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने आयोग को बताया कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं, क्योंकि पवन सिंह पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह उन्हें माफ कर चुकी हैं और अब उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। इसी आधार पर आयोग ने उनका नाम मामले से हटा दिया। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री ने पवन सिंह पर अनुचित तरीके से कमर छूने का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला चर्चा में आया था। हालांकि, समय के साथ पीड़िता का रुख बदल गया। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने एक गंभीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ लोगों ने उनकी छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाले। इतना ही नहीं, उनका मोबाइल नंबर और फोटो पोर्न वेबसाइट्स पर भी डाल दिए गए, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
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पीड़िता ने संतोष सिंह यादव, आकाश और एक अन्य व्यक्ति पर अश्लील व आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि पवन सिंह को माफ करने के बावजूद उनकी पीआर टीम के कुछ सदस्य लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं और फर्जी कंटेंट के जरिए बदनाम कर रहे हैं। पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां भी दीं।
आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि पीड़िता के बयान के आधार पर पवन सिंह का नाम हटा दिया गया है। वहीं, जिन तीन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें मामले में शामिल कर समन भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई छह अप्रैल को पंचकूला में तय की है। साथ ही पीड़िता ने आयोग से अपमानजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाने की मांग की है, यह कहते हुए कि इस विवाद का उनके करियर पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।