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Faridabad News: नौवीं बार शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय भेजा घर-घर से कूड़ा उठाने का प्रस्ताव
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घर -घर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी की फाइल फोटो। केशव भारद्वाज की खबर के साथ।
- फोटो : 1
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आठ बार प्रस्ताव हो चुका है सरकार से रदद, शहर में जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ है
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना कागजों में उलझ कर रह गई है। नगर निगम प्रशासन ने एक बार फिर से शहर में कूड़ा उठाने के लिए कंपनी से करार करने को लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय भेजा है। इससे पहले निगम प्रशासन आठ बार प्रस्ताव भेज चुका है, लेकिन कंपनी से अभी तक करार नहीं हो पाया है। जिससे शहर में जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ है। दो वर्ष बीतने पर भी निगम प्रशासन निजी कंपनी को कूड़ा उठाने का काम नहीं सौंप पाया है।
14 जून 2024 तक स्मार्ट सिटी में इको ग्रीन कंपनी की ओर से डोर टू डोर कूड़ा उठाया जाता था, लेकिन शहर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था चरमराने की वजह से इको ग्रीन कंपनी से सरकार ने अनुबंध रद्द कर दिया था। इसके बाद से नगर निगम प्रशासन दोबारा से किसी भी नई एजेंसी से अनुबंध नहीं कर सका है। अब केवल पुराने वेंडर ही बिना किसी अनुबंध के कूड़ा उठाने का काम कर रहे हैं। अलग-अलग वेंडर होने के कारण कोई भी शिकायत नंबर जारी नहीं किया गया है। यही नहीं कई वेंडर निगम के पास पंजीकृत भी नहीं हैं। इस वजह से वेंडरों द्वारा लोगों के साथ विवाद करने के मामले भी सामने आते हैं।
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ईस्ट व वेस्ट बनाए दो जोन
नए प्रस्ताव में निगम की ओर से ईस्ट और वेस्ट जोन बनाए गए हैं। दोनों जोन के लिए करीब 580 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव मंजूर कर मुख्यालय भेजा गया है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो दोनों जोन के लिए अलग-अलग कंपनी नियुक्त की जाएंगी। दोनों को घर-घर से कूड़ा उठाने के साथ साथ कूड़ा खत्तों से कूड़ा उठाकर निस्तारण प्लांटों तक पहुंचाना होगा। अभी तक कूड़ा उठाने के लिए अलग और खत्तों से एकत्र करने के लिए एजेंसी अलग से नियुक्त की जाती थी। यदि कंपनी सही से काम नहीं करती है तो इसको लेकर निगम को उसको बीच में हटाने का भी अधिकार होगा। बता दें कि इस बार नौवीं बार प्रस्ताव भेजा गया है। हर बार किसी न किसी कारण से प्रस्ताव रद्द कर दिया जाता है।
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कूड़ा निस्तारण करना भी समस्या बना
कूड़ा निस्तारण करना भी नगर निगम प्रशासन के लिए समस्या बना हुआ है। बंधवाड़ी कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़ा न जाने से यह अव्यवस्था बनी हुई है। शहर में मौजूदा समय में प्रतिदिन करीब 1200 टन कूड़ा निकल रहा है। मुजेड़ी में 150 और प्रतापगढ़ प्लांट में करीब 350 टन कूड़े का निस्ताण हो पा रहा है। लोगों के विरोध की वजह से निगम प्रशासन कूडा प्लांट भी नहीं बना पा रहा है। -
दो दिन पहले नगर निगम प्रशासन ने घर-घर से कूड़ा उठाने का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय को भेज दिया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।- यशेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त
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नौवीं बार घर-घर से कूड़ा उठाने का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय को भेजा गया है। उम्मीद है कि इस बार प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। शहर को दो भागों में बांटकर यह प्रस्ताव भेजा गया है।- प्रवीण जोशी, मेयर
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना कागजों में उलझ कर रह गई है। नगर निगम प्रशासन ने एक बार फिर से शहर में कूड़ा उठाने के लिए कंपनी से करार करने को लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय भेजा है। इससे पहले निगम प्रशासन आठ बार प्रस्ताव भेज चुका है, लेकिन कंपनी से अभी तक करार नहीं हो पाया है। जिससे शहर में जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ है। दो वर्ष बीतने पर भी निगम प्रशासन निजी कंपनी को कूड़ा उठाने का काम नहीं सौंप पाया है।
14 जून 2024 तक स्मार्ट सिटी में इको ग्रीन कंपनी की ओर से डोर टू डोर कूड़ा उठाया जाता था, लेकिन शहर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था चरमराने की वजह से इको ग्रीन कंपनी से सरकार ने अनुबंध रद्द कर दिया था। इसके बाद से नगर निगम प्रशासन दोबारा से किसी भी नई एजेंसी से अनुबंध नहीं कर सका है। अब केवल पुराने वेंडर ही बिना किसी अनुबंध के कूड़ा उठाने का काम कर रहे हैं। अलग-अलग वेंडर होने के कारण कोई भी शिकायत नंबर जारी नहीं किया गया है। यही नहीं कई वेंडर निगम के पास पंजीकृत भी नहीं हैं। इस वजह से वेंडरों द्वारा लोगों के साथ विवाद करने के मामले भी सामने आते हैं।
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ईस्ट व वेस्ट बनाए दो जोन
नए प्रस्ताव में निगम की ओर से ईस्ट और वेस्ट जोन बनाए गए हैं। दोनों जोन के लिए करीब 580 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव मंजूर कर मुख्यालय भेजा गया है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो दोनों जोन के लिए अलग-अलग कंपनी नियुक्त की जाएंगी। दोनों को घर-घर से कूड़ा उठाने के साथ साथ कूड़ा खत्तों से कूड़ा उठाकर निस्तारण प्लांटों तक पहुंचाना होगा। अभी तक कूड़ा उठाने के लिए अलग और खत्तों से एकत्र करने के लिए एजेंसी अलग से नियुक्त की जाती थी। यदि कंपनी सही से काम नहीं करती है तो इसको लेकर निगम को उसको बीच में हटाने का भी अधिकार होगा। बता दें कि इस बार नौवीं बार प्रस्ताव भेजा गया है। हर बार किसी न किसी कारण से प्रस्ताव रद्द कर दिया जाता है।
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कूड़ा निस्तारण करना भी समस्या बना
कूड़ा निस्तारण करना भी नगर निगम प्रशासन के लिए समस्या बना हुआ है। बंधवाड़ी कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़ा न जाने से यह अव्यवस्था बनी हुई है। शहर में मौजूदा समय में प्रतिदिन करीब 1200 टन कूड़ा निकल रहा है। मुजेड़ी में 150 और प्रतापगढ़ प्लांट में करीब 350 टन कूड़े का निस्ताण हो पा रहा है। लोगों के विरोध की वजह से निगम प्रशासन कूडा प्लांट भी नहीं बना पा रहा है। -
दो दिन पहले नगर निगम प्रशासन ने घर-घर से कूड़ा उठाने का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय को भेज दिया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।- यशेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त
नौवीं बार घर-घर से कूड़ा उठाने का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय को भेजा गया है। उम्मीद है कि इस बार प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। शहर को दो भागों में बांटकर यह प्रस्ताव भेजा गया है।- प्रवीण जोशी, मेयर