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Faridabad News: प्रदूषण के स्तर में थोड़ी गिरावट, हालात अब भी चिंताजनक
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बल्लभगढ़ का एक्यूआई 315 से घटकर 270 पर पहुंच, अब भी देशभर में तीसरे स्थान पर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को शहरवासियों को प्रदूषण से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। बल्लभगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 315 से घटकर 270 पर पहुंच गया। हालांकि यह स्तर अभी भी खराब श्रेणी में ही आता है, जिससे लोगों को सांस संबंधी दिक्कतों का खतरा बना हुआ है।
देशभर में प्रदूषण की स्थिति पर नजर डालें तो बल्लभगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। पहले स्थान पर गुरुग्राम रहा, जहां एक्यूआई 309 दर्ज किया गया, जबकि दूसरे स्थान पर चरखी दादरी 293 एक्यूआई के साथ रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति कम होने और स्थानीय स्रोतों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। हालांकि मंगलवार को आई मामूली गिरावट से लोगों को कुछ राहत महसूस हुई, लेकिन प्रदूषण बिल्कुल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक गतिविधियां, वाहनों का धुआं और ईंट-भट्ठों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
कोयले के स्थान पर बायोमास आधारित ईंधन अपनाने के निर्देश
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में संचालित ईंट-भट्ठों को कोयले के स्थान पर बायोमास आधारित ईंधन अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा व अन्य सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित रखने, मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। प्रशासन की ओर से भी हालात पर नजर रखी जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को शहरवासियों को प्रदूषण से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। बल्लभगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 315 से घटकर 270 पर पहुंच गया। हालांकि यह स्तर अभी भी खराब श्रेणी में ही आता है, जिससे लोगों को सांस संबंधी दिक्कतों का खतरा बना हुआ है।
देशभर में प्रदूषण की स्थिति पर नजर डालें तो बल्लभगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। पहले स्थान पर गुरुग्राम रहा, जहां एक्यूआई 309 दर्ज किया गया, जबकि दूसरे स्थान पर चरखी दादरी 293 एक्यूआई के साथ रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति कम होने और स्थानीय स्रोतों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। हालांकि मंगलवार को आई मामूली गिरावट से लोगों को कुछ राहत महसूस हुई, लेकिन प्रदूषण बिल्कुल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक गतिविधियां, वाहनों का धुआं और ईंट-भट्ठों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
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कोयले के स्थान पर बायोमास आधारित ईंधन अपनाने के निर्देश
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में संचालित ईंट-भट्ठों को कोयले के स्थान पर बायोमास आधारित ईंधन अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा व अन्य सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित रखने, मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। प्रशासन की ओर से भी हालात पर नजर रखी जा रही है।