{"_id":"69f654781c31a5c43c01268d","slug":"students-suffering-in-the-veranda-in-40-degree-temperature-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-68984-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: 40 डिग्री तापमान में बरामदे में तप रहे विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: 40 डिग्री तापमान में बरामदे में तप रहे विद्यार्थी
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़खल के राजकीय उच्च विद्यालय में छात्रों के बैठने के लिए नहीं है समुचित व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बड़खल स्थित राजकीय उच्च विद्यालय इन दिनों अव्यवस्थाओं का केंद्र बना हुआ है। शिक्षा के अधिकार और बेहतर बुनियादी ढांचे के बड़े-बड़े दावों के बीच, यहां के छात्र विषम परिस्थितियों में पढ़ने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के दौर में विद्यालय में छात्रों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है।
विद्यालय में वर्तमान में दो पालियों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें हाई स्कूल और प्राइमरी स्कूल के लगभग 1500 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े छात्र समूह के लिए पूरे विद्यालय परिसर में महज 4 कमरे उपलब्ध हैं। पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, लेकिन कमरों के अभाव में बच्चे तपते बरामदों में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं।
स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। विद्यालय की चहारदीवारी जगह-जगह से टूटी हुई है। सीमा सुरक्षा न होने के कारण स्कूल परिसर में लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता है, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर खतरा मंडराता रहता है।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि स्कूल में अराजक तत्वों का हस्तक्षेप बहुत बढ़ गया है। असामाजिक तत्व अक्सर स्कूल में तोड़फोड़ करते हैं। कभी पानी की टंकी तोड़ दी जाती है, तो कभी नल चोरी या तोड़ दिए जाते हैं। प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में अनखीर पुलिस थाने में कई बार लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन घटनाएं रुक नहीं रहीं हैं।
अधिकारी नहीं उठाते फोन
स्कूल की समस्या के समाधान के लिए तीन मंजिला भवन का निर्माण कार्य अगस्त 2025 में शुरू किया गया था लेकिन नौ महीने बीत जाने के बाद भी काम कछुआ गति से चल रहा है। अब तक केवल पिलर ही खड़े किए जा सके हैं। निर्माण कार्य में हो रही देरी के बारे में जब डीपीसी डॉ. मनोज मित्तल से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
वर्जन-
विद्यालय में जगह ही नहीं है तो बच्चोंं को कहां बिठाएं। जिले में कहीं और जगह नहीं है, जहां स्कूल को शिफ्ट किया जा सके। स्कूल में बिल्डिंग बन रही है, जिसका निर्माण कार्य इस वर्ष पूरा हो जाएगा।- डॉ. अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बड़खल स्थित राजकीय उच्च विद्यालय इन दिनों अव्यवस्थाओं का केंद्र बना हुआ है। शिक्षा के अधिकार और बेहतर बुनियादी ढांचे के बड़े-बड़े दावों के बीच, यहां के छात्र विषम परिस्थितियों में पढ़ने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के दौर में विद्यालय में छात्रों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है।
विद्यालय में वर्तमान में दो पालियों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें हाई स्कूल और प्राइमरी स्कूल के लगभग 1500 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े छात्र समूह के लिए पूरे विद्यालय परिसर में महज 4 कमरे उपलब्ध हैं। पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, लेकिन कमरों के अभाव में बच्चे तपते बरामदों में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। विद्यालय की चहारदीवारी जगह-जगह से टूटी हुई है। सीमा सुरक्षा न होने के कारण स्कूल परिसर में लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता है, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर खतरा मंडराता रहता है।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि स्कूल में अराजक तत्वों का हस्तक्षेप बहुत बढ़ गया है। असामाजिक तत्व अक्सर स्कूल में तोड़फोड़ करते हैं। कभी पानी की टंकी तोड़ दी जाती है, तो कभी नल चोरी या तोड़ दिए जाते हैं। प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में अनखीर पुलिस थाने में कई बार लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन घटनाएं रुक नहीं रहीं हैं।
अधिकारी नहीं उठाते फोन
स्कूल की समस्या के समाधान के लिए तीन मंजिला भवन का निर्माण कार्य अगस्त 2025 में शुरू किया गया था लेकिन नौ महीने बीत जाने के बाद भी काम कछुआ गति से चल रहा है। अब तक केवल पिलर ही खड़े किए जा सके हैं। निर्माण कार्य में हो रही देरी के बारे में जब डीपीसी डॉ. मनोज मित्तल से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
वर्जन-
विद्यालय में जगह ही नहीं है तो बच्चोंं को कहां बिठाएं। जिले में कहीं और जगह नहीं है, जहां स्कूल को शिफ्ट किया जा सके। स्कूल में बिल्डिंग बन रही है, जिसका निर्माण कार्य इस वर्ष पूरा हो जाएगा।- डॉ. अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी
