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Faridabad News: डिजिटल अरेस्ट कर महिला से 27.50 लाख की ठगी में आरोपी को नहीं मिली राहत
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साइबर क्राइम थाना एनआईटी में 25 जून 2025 को दर्ज हुई थी एफआईआर
अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 27.50 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में आरोपी रिषभ को जिला अदालत से राहत नहीं मिली। दिल्ली बुराड़ी इलाके के रहने वाले रिषभ के अधिवक्ता ने जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि ये 5 जुलाई 2025 से हिरासत में है। इसके खिलाफ चालान पेश हो चुका है।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी की जमानत याचिका खारिज होनी चाहिये। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। साइबर क्राइम थाना एनआईटी में ये एफआईआर 25 जून 2025 को दर्ज हुई थी। शिकायत में महिला ने बताया कि 16 जून 2025 को उन्हें एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले खुद को क्राइम ब्रांच मुंबई का सीआईडी इंस्पेक्टर बताया। महिला को कहा गया कि जेट एयरवेज मनी लांडि्रंग केस में पकड़े गए आरोपी नरेश गोयल से पूछताछ में आपका नाम सामने आया है। इसके आधार पर महिला को डिजिटल अरेस्ट करने की बात आरोपी ने कही। आरोपी ने कहा कि वीडियो कॉल पर आपसे पूछताछ की जाएगी।
महिला के अनुसार मामला सेटल करने के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये मांगे गए। महिला इससे डर गई और 17 जून 2025 को अपनी एफडी तोड़कर आरोपियों के बताए गए बैंक खाते में 27.50 लाख रुपये आरटीजीएस से ट्रांसफर कर दिए। 18 जून को भी डिजिटल अरेस्ट कर आरोपी महिला को धमकाते रहे और रुपयों की मांग करते रहे। 19 जून की सुबह 8 बजे नहाने के बहाने महिला घर से निकली और पुलिस को जाकर मामले में शिकायत दी।
पुलिस ने जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें दिल्ली का रहने वाला रिषभ भी शामिल है। रिषभ पर आरोप है कि इसने मनीष का बैंक खाता लेकर आगे ठगों को दिया था। इस बैंक खाते में ठगी के लगभग 8 लाख रुपये आए थे। अब रिषभ की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है।
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अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 27.50 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में आरोपी रिषभ को जिला अदालत से राहत नहीं मिली। दिल्ली बुराड़ी इलाके के रहने वाले रिषभ के अधिवक्ता ने जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि ये 5 जुलाई 2025 से हिरासत में है। इसके खिलाफ चालान पेश हो चुका है।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी की जमानत याचिका खारिज होनी चाहिये। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। साइबर क्राइम थाना एनआईटी में ये एफआईआर 25 जून 2025 को दर्ज हुई थी। शिकायत में महिला ने बताया कि 16 जून 2025 को उन्हें एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले खुद को क्राइम ब्रांच मुंबई का सीआईडी इंस्पेक्टर बताया। महिला को कहा गया कि जेट एयरवेज मनी लांडि्रंग केस में पकड़े गए आरोपी नरेश गोयल से पूछताछ में आपका नाम सामने आया है। इसके आधार पर महिला को डिजिटल अरेस्ट करने की बात आरोपी ने कही। आरोपी ने कहा कि वीडियो कॉल पर आपसे पूछताछ की जाएगी।
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महिला के अनुसार मामला सेटल करने के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये मांगे गए। महिला इससे डर गई और 17 जून 2025 को अपनी एफडी तोड़कर आरोपियों के बताए गए बैंक खाते में 27.50 लाख रुपये आरटीजीएस से ट्रांसफर कर दिए। 18 जून को भी डिजिटल अरेस्ट कर आरोपी महिला को धमकाते रहे और रुपयों की मांग करते रहे। 19 जून की सुबह 8 बजे नहाने के बहाने महिला घर से निकली और पुलिस को जाकर मामले में शिकायत दी।
पुलिस ने जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें दिल्ली का रहने वाला रिषभ भी शामिल है। रिषभ पर आरोप है कि इसने मनीष का बैंक खाता लेकर आगे ठगों को दिया था। इस बैंक खाते में ठगी के लगभग 8 लाख रुपये आए थे। अब रिषभ की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है।